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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand Bridge Collapse: बिहार के बाद अब झारखंड में ढह रहे पुल, गुणवत्ता पर उठे सवाल; एक्शन में आए मंत्री

Published: Sun, 04 Aug 2024 07:49 PM (IST)

Jharkhand Bridge Collapse झारखंड में भारी बारिश के बाद पुल जवाब देने लगे हैं। शनिवार को प्रदेश के दो पुल ...और पढ़ें

झारखंड में पानी का प्रेशर नहीं झेल पाए दो पुल। फाइल फोटो
झारखंड में पानी का प्रेशर नहीं झेल पाए दो पुल। फाइल फोटो

HighLights

  1. टेंडर प्रक्रिया से कार्य आवंटन तक के खंगाले जा रहे दस्तावेज
  2. जांच में कमीशनखोरी और घटिया निर्माण की खुल रहीं परतें
  3. निर्धारित राशि से दो प्रतिशत ज्यादा दर पर हुआ था पुल निर्माण

राज्य ब्यूरो, रांची। Jharkhand Bridge Collapse बिहार में हाल के दिनों में लगातार ढ़ह रहे पुल-पुलिया ने सबका ध्यान खींचा था। वहां यह सिलसिला थमा तो झारखंड में भारी बारिश में नदियों पर बने पुल जवाब देने लगे हैं। शनिवार को राज्य में दो पुल पानी का प्रेशर नहीं झेल पाए। कुछ वर्ष पहले ही बने इन पुलों के ढ़हने से उनके निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसे लेकर हड़कंप भी मचा है।

पुल ढ़हने के बाद उसके टेंडर प्रक्रिया से लेकर कार्य आवंटन तक के दस्तावेज खंगाले जा रहे है। विभागीय अधिकारियों पर दबाव बढ़ा है तो कार्य आवंटन में घालमेल की कलई भी खुलने लगी है। गोमिया प्रखंड के ग्राम डुमरी बिहार के ग्राम दवार और ढे़ढे़ ग्राम के बीच बोकारो नदी पर पुल के निर्माण से संबंधित दस्तावेज में यह पाया गया है कि इसका निर्माण निर्धारित राशि से दो प्रतिशत ज्यादा दर पर हुआ है।

इस पर कुल लागत लगभग 3.46 करोड़ रुपये आई है, जबकि एकरारनामा की राशि 3.39 करोड़ रुपये थी। यह तथ्य सामने आने के बाद आशंका प्रकट की जा रही है कि बड़े पैमाने पर निर्माण में घालमेल हुआ। पुलों के गिरने की जांच के लिए गठित टीम की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई तय होगी। गड़बड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित एजेंसी के साथ-साथ अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय है।

पुराने ढ़हे पुलों की भी फाइलें मंगाई मंत्री इरफान अंसारी ने

ग्रामीण विकास मंत्री इरफान अंसारी ने पुलों के ढ़हने को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों को तलब किया है। उन्होंने ताजा हादसे के साथ-साथ उन पुलों की भी सूची मांगी है, जो पूर्व में ढ़ह चुके हैं। इन पुलों के ढ़हने की वजह की जांच के लिए टीम भी गठित की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मंत्री ने जागरण से बातचीत में कहा कि किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पुलों के निर्माण की गुणवत्ता की जांच होगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जांच रिपोर्ट सौंपे। पूर्व में हुई जांच के संबंध में भी रिपोर्ट मांगी गई है। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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