रांची/ खूंटी/ कोडरमा ,जाटी। दशहरा और अन्य त्योहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट को ले प्रशासन सख्त है। होटल और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में लगातार जांच की जा रही है। साथ ही खाद्य पदार्थों की विक्री करनेवालों को चेतावनी भी दी जा रही है। बुधवार को खूंटी में खाद्य पदार्थों की जांच की गई। त्योहार सीजन में लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिले, उनमें मिलावट नहीं हो, इसके लिए खूंटी जिला प्रशासन सचेत दिखा। इसी के तहत बुधवार को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी की अगुवाई में होटलों और मिठाई दुकानों में तेल, पनीर, खोवाआदि में  मिलावट का जांच की गई। 

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि तेल में टीपीसी चेक किया जाता है। इसमें 25 कंपाउंड तक को सही सही माना गया है। अगर इससे जरा सा भी अधिक हो जाए तो इसे खराब माना जाता है। खराब तेल का उपयोग करने पर कैंसर जैसी बीमारी होने का अंदेशा रहता है। साथ ही उन्होंने बताया कि छेना, पनीर, खोवा आदि में आरारोट मैदा आटा मिलाकर मिठाई बनाते हैं तो जांच में वो भी पकड़ा जा सकता है। इसमें सैंपल लेकर टिंक्चर आयोडिन डालकर देखा गया। जांच के दौरान रंगों में किसी प्रकार का मिलावट नहीं मिला। उन्होंने उसमें थोड़ा मैदा डालकर दिखाया। जिसे मिलाने के साथ ही सैंपल रंग बदलने लगा और काला हो गया। साथ ही, दुकानदारों को निर्देश दिया कि सभी अपनी दुकानों पर साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। उनके साथ सहयोगी राजीव कुमार भी उपस्थित थे।

उधर कोडरमा में भी  खाद्य पदार्थ बेचने वाले कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी गई। बताया गया कि उन्हें लाइसेंस लेना अनिवार्य है। हर ऐसे दुकानदार नियम के दायरे में रहकर खाद्य पदार्थों की बिक्री करे, इसके लिए फूड शेफ्टी अधिकारी सुबीर रंजन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। त्यौहार के मौके पर मिलावटी या एक्सपायरी खाद्य पदार्थ की बिक्री न हो, इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

फूड सेफ्टी अधिकारी ने कहा कि बिना लाइसेंस के दुकान व प्रतिष्ठान संचालन करने वालों के विरुद्ध नियम संगत कार्रवाई की जाएगी। हर कारोबारी वैद्य तरीके से ही प्रतिष्ठान का संचालन करे। नियम के दायरे में रहकर ही लोगों को स्वच्छ व सुरक्षित खाद्य पदार्थ दी जा सकेगी। उन्होंने स्ट्रीट फूड वेंडरों ( ठेला, फास्ट फूड व अन्य) को साफ-सफाई रखने, गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ बनाने, औद्योगिक रंग का इस्तेमाल न करने हेतु निर्देशित किया। कहा कि जिले के सभी अस्पताल, पुलिस लाइन, आंगनवाड़ी केंद्रों में खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। प्रतिबांधित पान-मशाला की बिक्री, परिवहन और भंडारण से संबंधित सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

खटालों में दूध की शुद्धता की होगी जांच

खटालों से शुद्ध दूध की आपूर्ति आम उपभोक्ताओं को हो रहा या नहीं इसकी भी जांच की जाएगी। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने कहा कि जिले के सभी खटालों की जांच की जाएगी एवं खटाल संचालकों को लाइसेंस लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही खटालों से दूध का सैंपल लेकर जांच करवाई जाएगी। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न हो इस पर विशेष ध्यान रखने को लेकर कार्रवाई की जाएगी। नगर पंचायत कोडरमा, डोमचांच, नगर परिषद् झुमरी तिलैया में किसी भी खाद्य कारोबारियों के पास से एक्पायरी खाद्य पदार्थ पाये जाते हैं, तो उन कारोबारियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। सुबीर रंजन ने कहा कि लोगों तक सुरक्षित, पौष्टिक व गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपभोक्ता तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जायेगा। इसके तहत लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, नमूना जांच, प्रचार-प्रसार, खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षण देना, विद्यालय में इट राइट स्कूल व कालेजों में इट राइट कैंपस स्थापित करने जैसे कार्यक्रम किए जाएंगे।

Edited By: Kanchan Singh