रांची, जासं। प्रधानामंत्री आवास योजना के तहत राजधानी रांची में नगर निगम को अलग-अलग वार्डों में 11,964 घर बनाने का लक्ष्य मिला है। यहां वित्त वर्ष 2015-16 में पीएम आवास योजना के तहत जब काम शुरू हुआ था, तब 55 वार्ड थे। लेकिन विगत नगर निगम चुनाव के पूर्व परीसीमन के तहत अब वार्डों की संख्या घटकर 53 हो गई है। लिहाजा अब तक सभी 53 वार्डों में 8000 घरों का निर्माण किया जा चुका है। वहीं, 600-700 आवासों के छत की ढलाई भी चल रही है।

सरकार द्वारा तय की गई समय सीमा यानि 2022 तक यहां भी सभी घरों का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि 3000 से अधिक ऐसे भी घर हैं, जिनका अब तक निर्माण पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन विभिन्न कारणों से लाभुकों द्वारा अलग-अलग चरणों की राशि मिलने के बावजूद निर्माण में विलंब हो रहा है। ऐसे में, 2022 का टारगेट पूरा करना निगम के लिए मुश्किल हो गया है। इस पर निगम का कहना है कि योजना के तहत 53 वार्डों में जिन घरों का निर्माण अभी तक पेंडिंग है, वह ऐसे लाभुकों का है, जिन्होंने तीन-चार साल पहले अलग-अलग चरणों में निर्माण हेतु राशि तो ले ली है, लेकिन अभी तक घर बनाने का काम पूरा नहीं कर पाए हैं।

इनमें से कुछ लाभुक वर्षाकाल का रोना रो रहे हैं, तो कुछ लाभुक खुद के अंशदान की राशि अभी तक जुटा नहीं पाए हैं। वहीं, कुछ लाभुक तो ऐसे हैं, जिन्होंने राशि लेकर भी अभी तक आवास का निर्माण शुरू नहीं किया है। निगम द्वारा उन्हें नोटिस भी थमाई जा रही है। शिविरों के माध्यम से ऐसे लोगों को चेतावनी देकर जल्द घर का निर्माण पूरा करने के लिए कहा जा रहा है। अगर इससे भी वे नहीं मानेंगे, तो विभाग द्वारा उन पर कार्रवाई की जाएगी।

एक माह के दौरान पूरा हुआ 300 घरों का निर्माण

इधर, जैसे-जैसे लक्ष्य की तिथि करीब आती जा रही है, वैसे-वैसे निगम भी निर्माण की गति बढ़ा रहा है। निगम की टीम बारिश में भी लगातार निर्माण कार्य में लगी है। विगत एक माह के दौरान 300 घरों का निर्माण पूरा किया गया है। बनोरा में 180 घर बन चुके हैं। इनमें से 125 लाभुकों को घर सौंप दिया गया है।

लाभुकों को चार किस्तों में मिलती है राशि

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को घर दिलाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी। योजना का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2022 तक हर व्यक्ति को अपना घर उपलब्ध कराना है। लाभुकों की जमीन पर बनने वाले आवास की कुल लागत 3.62 लाख रुपये है। सरकार द्वारा अंशदान के तौर पर लाभुक को चार किस्तों में 2.25 लाख रुपये दिए जाते हैं, जबकि शेष 1.37 लाख रुपये लाभुक को वहन करना पड़ता है। सरकार द्वारा लाभुकों को चार किस्तों में राशि निर्गत की जाती है।

पहली किस्त में लाभुक को फाउंडेशन से प्लिंथ लेवल तक निर्माण के लिए 45 हजार, प्लिंथ लेवल से लिंटेल लेवल तक के निर्माण हेतु द्वितीय किस्त के तौर पर 67,500, लिंटेल लेवल से आवास निर्माण पूरा करने के लिए तीसरी किस्त में 90 हजार एवं आवास निर्माण के पूर्ण होने पर प्रमाण पत्र मिलने के पश्चात चौथी व अंतिम किस्त के तौर पर लाभुक को 22,500 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। कुल 386 वर्ग फीट के टू बीएचके फ्लैट में एक बेडरूम, एक रूम, रसोईघर, बरामदा, शौचालय एवं बाथरूम का निर्माण किया जाता है।

'विगत 13 सितंबर से विभिन्न वार्डों में शिविरों के माध्यम से वार्ड पार्षद, निगम के इंजीनियर एवं निगम कर्मी द्वारा उन लाभुकों को चेतावनी देते हुए समझाया जा रहा है, जो या तो निर्माण में विलंब कर रहे रहे हैं अथवा जिन्होंने राशि लेने के बावजूद अभी तक घर का निर्माण शुरू नहीं किया है। उन्हें नोटिस भी निर्गत कर रहे हैं। तीन नोटिस के बाद उन पर फाइनल कार्रवाई की जाएगी।' -शीतल कुमारी, सहायक नगर आयुक्त, रांची नगर निगम।

Edited By: Sujeet Kumar Suman