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झारखंड में एसीबी का एक माह में छह ट्रैप, जमीन कारोबार में 10 गिरफ्तार; अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर

Published: Fri, 09 Oct 2026 06:45 PM (GMT+05:30)

झारखंड एसीबी ने पिछले एक महीने में जमीन से जुड़े छह ट्रैप केस में दस आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

15 सितंबर से अब तक छह ट्रैप केस में दस आरोपित भेजे जा चुके हैं जेल।

15 सितंबर से अब तक छह ट्रैप केस में दस आरोपित भेजे जा चुके हैं जेल।

HighLights

  1. एसीबी ने एक माह में जमीन से जुड़े छह ट्रैप केस किए।

  2. इन मामलों में दस आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

  3. अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर, सुधार नहीं दिख रहा।

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में जमीन संबंधित मामलों ने भ्रष्टाचार चरम पर है। जांच एजेंसियों के पास अंचल कार्यालयों से संबंधित शिकायतें लगातार पहुंच रहीं हैं। भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने वाली झारखंड सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की लगातार कार्रवाई के बावजूद अंचल की कार्यशैली में सुधार होता नहीं दिख रहा है।

अभी एक महीने का आंकड़ा देखें तो इस एक महीने में एसीबी ने 15 सितंबर से अब तक छह ट्रैप केस में दस आरोपितों को गिरफ्तार किया है। एसीबी के एक महीने में छह ट्रैप केस में सर्वाधिक पांच मामले एसीबी हजारीबाग से जुड़े हैं।

सिर्फ एक ही केस एसीबी रांची का है, जिसमें एसीबी ने हाई कोर्ट के आदेश पर नामकुम अंचल में भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया था।

हजारीबाग में भी वन भूमि घोटाला मामले में अंचलाधिकारी, अंचल कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई के बाद जमीन के विक्रेताओं की गिरफ्तारी भी की है। इसके अलावा एसीबी ने चतरा के सदर अंचल व एसडीएम कार्यालय से भी भ्रष्टाचार के आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। श्

15 सितंबर के बाद कब कौन गिरफ्तार

  • 15 सितंबर : एसीबी हजारीबाग ने चतरा के सदर अंचल क्षेत्र का राजस्व कर्मचारी सतीश कुमार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते किया गिरफ्तार। उसने चतरा के ही गिद्दौर के नयाखाप निवासी तुलसी यादव से जमीन की दाखिल खारिज के एवज में 35 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुआ गिरफ्तार।
  • 22 सितंबर : एसीबी रांची की टीम ने नामकुम अंचल के तत्कालीन अंचल निरीक्षक मनोज कुमार दीक्षित व तत्कालीन लिपिक दीपक कुमार को किया गिरफ्तार। तत्कालीन सीओ डा. श्वेता वर्मा के विरुद्ध जारी है जांच। पूरा मामला दाखिल खारिज से जुड़े संपूर्ण दस्तावेज गायब करने से जुड़ा है।
  •  23 सितंबर : एसीबी हजारीबाग की टीम ने वन भूमि घोटाला, सरकारी जमीन व गैरमजरूआ खास किस्म भूमि को अवैध तरीके से हासिल करने, बिक्री करने व गलत तरीके से दाखिल खारिज करने मामले में भूमि विक्रेता कुलेश्वर प्रजापति को गिरफ्तार किया। वह हजारीबाग के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के मुकुंदगंज नयाखाप का निवासी है।
  •  01 अक्टूबर : एसीबी हजारीबाग ने रामगढ़ के मांडू अंचल के तत्कालीन अमीन बालेश्वर प्रसाद व रामगढ़ के जिला भू-अर्जन कार्यालय के तत्कालीन प्रधान सहायक प्रवीण कुमार सिन्हा को गिरफ्तार किया। इनपर रामगढ़ जिले के जोडाकरम मौजा के मांडु में एनएच 33 के चौड़ीकरण में 1.92 एकड़ अधि्ग्रहित जमीन के मुआवजा भुगतान में अनियमितता बरती।
  •  07 अक्टूबर : एसीबी हजारीबाग ने वन भूमि घोटाला केस में तीन और भूमि विक्रेता को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इनमें विशेश्वर प्रजापति, शंकर प्रजापति व रामगति गुप्ता उर्फ रामगति प्रसाद शामिल हैं। तीनों हजारीबाग जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के नयाखाप टोला मुकुंदगंज के रहने वाले हैं।
  •  08 अक्टूबर : एसीबी हजारीबाग ने एसडीएम चतरा कार्यालय के प्रधान लिपिक बासुदेव राम को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। इनपर शिकायतकर्ता बिलास यादव से एक जमीन के मामले में एसडीएम चतरा के आदेश की प्रति देने के एवज में रिश्वत लेने का आरोप है।