जागरण संवाददाता, रांची: राजकीय बालिका विद्यालय में आयोजित बाल दुव्र्यापार के खिलाफ जन जागरूकता अभियान के दौरान राज्य के मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि मुक्ति कारवां का संदेश हर घर तक हर परिवार तक पहुंचाना होगा। कैलाश सत्यार्थी के चार दशकों से जारी संघर्ष का परिणाम आज विश्व विख्यात है। उन्होंने बच्चों के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि बच्चों को दुव्र्यापार से

निकलना एक विशाल काम है। इसपर राज्य सरकार भी अपने स्तर पर काम कर रही है। अपर पुलिस महानिदेशक सीआईडी अजय कुमार ने बाल अपराध की मुख्य वजह शिक्षा की कमी और गरीबी को बताया। उन्होंने कहा गरीबी के कारण अभिभावक पैसे की लालच में दलालों के चंगुल में फंस जाते हैं। दलाल बच्चों का शोषण करते हैं। मानव व्यापार को हर हाल में रोकना होगा। संयुक्त सचिव गृह सह श्रमयुक्त विप्रा भाल ने कहा कि मुक्ति कारवां भारत जोड़ो अभियान राज्य के 14 जिलों में आयोजित किया जाएगा। कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन के निदेशक ओमप्रकाश पाल ने कहा कि बच्चों पर लगातार जुल्म बढ़ रहा है। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कूजूर ने कहा कि बाल दुव्र्यापार को रोकने के लिए आयोग प्रयत्नशील है। झारखंड ट्रेफिकिंग से प्रभावित इलाका है। डालसा सचिव फहीम किरमानी ने कहा कि बाल दुव्र्यापार रोकने के लिए विधिक सेवा प्राधिकार सक्रिय है।

इस मौके पर विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि, अपर पुलिस महानिदेशक अजय कुमार सिंह, राज्य की गृह विभाग की संयुक्त सचिव सह श्रमायुक्त विप्रा भाल, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा आरती कूजूर, आयोग के सदस्य रविंद्र कुमार गुप्ता, डालसा के सचिव फहीम किरमानी, कैलास सत्यार्थी फाउंडेशन के कार्यपालक निदेशक मालती, निदेशक ओमप्रकाश पाल, बिहार के कॉर्डिनेटर मुख्तारूल हक, रांची विवि के रजिस्ट्रार अमर कुमार चौधरी, बाल पंचायत की अध्यक्ष चंपा कुमारी उपस्थित रहें।

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