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झारखंड के जंगलों से मारे-मारे फिर रहे ये नौ इनामी माओवादी, बंगाल-ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कर रहे आत्मसमर्पण

Published: Sun, 25 Oct 2026 08:45 AM (IST)

झारखंड के जंगलों में नौ इनामी माओवादी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है। हाल ही में ...और पढ़ें

बंगाल में भागकर आत्मसमर्पण कर चुके व गिरफ्तार हो गए हैं आधा दर्जन माओवादी।

बंगाल में भागकर आत्मसमर्पण कर चुके व गिरफ्तार हो गए हैं आधा दर्जन माओवादी।

HighLights

  1. झारखंड में नौ इनामी माओवादी अभी भी फरार हैं।

  2. कई माओवादियों ने पड़ोसी राज्यों में आत्मसमर्पण किया या गिरफ्तार हुए।

  3. झारखंड पुलिस फरार माओवादियों की तलाश में जुटी हुई है।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के जंगलों से नौ इनामी वांछित माओवादी भागे फिर रहे हैं। झारखंड पुलिस इनकी तलाश में जुटी है। झारखंड से माओवाद का समापन लगभग हो चुका है, लेकिन ये वांछित माओवादी अब तक फरार हैं। कइयों के दूसरे राज्यों में भागने की भी सूचना है, जिसका सत्यापन चल रहा है।

हाल के कुछ महीने में आधा दर्जन से अधिक इनामी माओवादी पड़ोसी राज्य बंगाल में भाग गए थे। वहां जाकर इन माओवादियों में कइयों ने आत्मसमर्पण किया तो कुछ गिरफ्तार भी किए गए हैं।

अभी दो दिन पहले ही सात लाख के इनामी माओवादी दंपत्ति ने भी कोलकाता पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। कुछ माओवादी ओडिशा व छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

ये हैं नौ इनामी माओवादी, जिनकी झारखंड पुलिस को है तलाश

नितेश यादव उर्फ इरफान उर्फ नंदू उर्फ किरानी (15 लाख का इनामी, रीजनल कमेटी सदस्य, भाकपा माओवादी), आरिफ उर्फ शशिकांत उर्फ सुदेश उर्फ सुरेश (जोनल कमांडर, दस लाख का इनामी, टीएसपीसी), मनोहर गंझू उर्फ सोहन गंझू उर्फ दिनेश गंझू (जोनल कमांडर, दस लाख का इनामी), गोदराय यादव उर्फ संजय यादव (जोनल कमांडर, दस लाख का इनामी)।

इनके अलावा पंकज कोरवा (सब जोनल कमांडर, पांच लाख का इनामी), राजू भुइया (सब जोनल कमांडर, पांच लाख का इनामी), बलराम लोहरा उर्फ जटु उर्फ मजनू (एरिया कमांडर, पीएलएफआइ, दो लाख का इनामी), सामुएल बुढ़ उर्फ सामू (एलजीएस, पीएलएफआइ, एक लाख का इनामी) तथा सुदेश गंझू उर्फ गुरुदेव (टीएसपीसी, सदस्य, एक लाख का इनामी) भी फरार चल रहा।

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