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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand BDO Transfer: 61 BDO के ट्रांसफर पर लगी रोक, ग्रामीण विकास विभाग ने जारी किया आदेश

Published: Sat, 27 Jul 2024 10:21 AM (IST)

24 जुलाई को 61 प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) के तबादले का आदेश जारी किया गया था और अब ग्रामीण विकास ...और पढ़ें

61 बीडीओ का ट्रांसफर किया गया स्थानांतरित
61 बीडीओ का ट्रांसफर किया गया स्थानांतरित

HighLights

  1. सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की बैठक में जताई गई थी आपत्ति
  2. 24 जुलाई को इन पदाधिकारियों के तबादला का जारी हुआ था आदेश
  3. विधायकों की आपत्ति को तबादले पर रोक का माना जा रहा है अहम कारण

राज्य ब्यूरो, रांची। BDO Transfer Postponed ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी 61 प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) के स्थानांतरण की अधिसूचना स्थगित कर दी गई है। 24 जुलाई को इन पदाधिकारियों का तबादला आदेश जारी हुआ था।

शुक्रवार को ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव अजय कुमार सिंह के हस्ताक्षर से इसे रद करने संबंधी आदेश जारी किया गया।

आदेश की प्रतिलिपि सभी जिलों के उपायुक्तों, उप विकास आयुक्तों समेत संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया है। आदेश में कहा गया कि मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम को देखते हुए 24 जुलाई को जारी आदेश स्थगित कर दिया गया है।

तबादले और आदेश रद किए होने के पीछे विधायकों की है आपत्ति

इधर बीडीओ के तबादले और आदेश रद होने के पीछे विधायकों की आपत्ति को अहम कारण बताया जा रहा है। गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति ने सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की बैठक में कई विधायकों ने इसपर आपत्ति दर्ज कराई थी।

एक वरिष्ठ विधायक ने बताया कि विधायकों ने अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि तीन-चार माह पहले पदस्थापित हुए पदाधिकारियों का फिर से ट्रांफर-पोस्टिंग करना गलत है। इससे गलत संदेश जा रहा है।

विधायकों ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता की सूचनाएं भी मिली है। इसपर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। विधायकों को बैठक में इस दिशा में कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया था। शुक्रवार को बीडीओ का तबादला आदेश रद होने के बाद ग्रामीण विकास विभाग में अफरातफरी का माहौल रहा।

विवादों में रहा है ग्रामीण विकास विभाग

ग्रामीण विकास विभाग हाल के महीनों में विवादों में रहा है। पूर्व मंत्री आलमगीर आलम मनी लांड्रिंग के आरोपों में जेल में बंद हैं। ईडी ने उनके पीएस संजीव के ठिकानों से 35 करोड़ रुपये से ज्यादा बरामद किए थे।

बताया जाता है कि इसके पीछे विभाग में कार्य का आवंटन समेत ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल है। जेल जाने के बाद आलमगीर आलम को इस्तीफा देना पड़ा था। हाल ही में कैबिनेट विस्तार में जामताड़ा के कांग्रेस विधायक डॉ. इरफान अंसारी को ग्रामीण विकास विभाग का मंत्री बनाया गया है।

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