रांची, [आनंद मिश्र]। महज एक नुख्ते से मायने बदल जाते हैं। मामला यदि सरकारी योजना के लाभ से जुड़ा हो, तो नुक्ताचीनी भी कुछ ज्यादा ही होती है। नाम में तनिक भी फेरबदल की गुंजाइश रह गई, तो हो गए लाभ से वंचित। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) से जुड़े साढ़े छह लाख लाभुकों के मामले में कुछ ऐसा ही पेच फंस गया है।

इन किसानों के नाम उनके आधार से मेल नहीं खा रहे हैं, और भारत सरकार ने फिलहाल इन्हें रिजेक्ट करते हुए लाभ से वंचित कर दिया है। पीएम किसान योजना के तहत किसानों का निबंधन और डाटा इंट्री का कार्य जिला स्तर पर किया गया था। राज्यभर से कुल 21,59,821 किसानों का डाटा भेजा गया। इनमें 6,52,596 आधार से मेल न खाने के कारण रिजेक्ट हो गए।

स्पष्ट है कि 30 फीसद किसान फौरी तौर पर लाभ से वंचित हो गए हैं। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिख इस विसंगति को समय रहते दूर करने का निर्देश दिया है। विभाग के स्तर से तर्क दिया गया कि डाटा इंट्री के समय नाम की सही इंट्री नहीं हो सकी। हालांकि, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को लेकर झारखंड का अब तक का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा गया है।

रिकार्ड समय में किसानों के डाटा को अपलोड कर ज्यादा से ज्यादा अन्नदाताओं को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ भी मुहैया कराया जा रहा है। लेकिन, राज्यों की इस आपसी प्रतिस्पद्र्धा के चक्कर में डाटा इंट्री का कार्य कुछ इस तेजी से किया गया कि वास्तविक लाभुक के नाम उसके आधार में अंकित नाम से मेल नहीं खा रहे हैं।

11.33 लाख किसानों को मिली पीएम किसान की पहली किस्त

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अब तक राज्य के 11.33 लाख किसानों को प्रथम किस्त का भुगतान किया गया है। जबकि, 6.19 लाख किसानों को दूसरी और 1.92 लाख किसानों को अब तक तीसरी किस्त का भुगतान किया जा चुका है। बता दें कि पीएम किसान के तहत कृषकों को तीन किस्तों में छह हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है।

पीएम किसान पोर्टल पर किसान जाकर खुद सुधार सकते हैं गलतियां

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पोर्टल पर जाकर लाभुक अपने नाम में यदि कहीं कोई त्रुटि है, तो उसे खुद दूर कर सकते हैं। पोर्टल के फार्मर कॉर्नर में इस बाबत प्रावधान दिया गया है। यहां पेमेंट का स्टेटस भी देखा जा सकता है। यदि किसान पोर्टल पर खुद विसंगति नहीं दूर कर सकते, तो वे कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर भी इसे दुरुस्त करा सकते हैं।

जिलावार रिजेक्ट हुए आधार का ब्योरा

जिला - कुल डाटा इंट्री - आधार रिजेक्टेड डाटा

  1. बोकारो - 51,582 - 21,300
  2. चतरा - 1,55,438 - 41,481
  3. देवघर - 98,955 - 34,378
  4. धनबाद - 83,858 - 25,427
  5. दुमका - 96,955 - 32,624
  6. पू. सिंहभूम  - 1,14,035 - 31,020
  7. गढ़वा - 1,26,847 - 47,598
  8. गिरिडीह - 1,29,842 - 33,009
  9. गोड्डा - 64,659 - 22,603
  10. गुमला - 1,25,229 - 28,814
  11. हजारीबाग - 1,28,886 - 38,021
  12. जामताड़ा - 69,055 - 23,218
  13. खूंटी - 65,107 - 13,708
  14. कोडरमा - 45,178 - 15,605
  15. लातेहार - 68,807 - 21,761
  16. लोहरदगा - 41,111 - 13,675
  17. पाकुड़  - 76,710 - 32,304
  18. पलामू - 1,70,014 - 59,560
  19. रामगढ़ - 35,719 - 9,265
  20. रांची - 1,41,015 - 31,956
  21. साहिबगंज - 54,163 - 18,798
  22. सरायकेला- खरसावां - 64,638 - 20,832
  23. सिमडेगा - 40,130 - 7,725
  24. प. सिंहभूम - 1,12,631 - 27,914

कुल - 21,59,821 - 6,52,596

 

Posted By: Alok Shahi

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