विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

SIR जांच में खुली पोल: जमशेदपुर में वोटर लिस्ट में दर्ज पाए गए 3 अफगानियों के नाम, पासपोर्ट ऑफिस ने की पुष्टि

Published: Wed, 09 Sep 2026 07:00 AM (IST)

झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान जमशेदपुर में तीन अफगानी नागरिकों के नाम फर्जी तरीके से वोटर लिस्ट में दर्ज पाए गए हैं।

पासपोर्ट कार्यालय की पुष्टि के बाद अब जिला प्रशासन इनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

पासपोर्ट कार्यालय की पुष्टि के बाद अब जिला प्रशासन इनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

HighLights

  1. पासपोर्ट कार्यालय ने फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि की, रद्द प्रक्रिया।

  2. जिला प्रशासन ने तीनों अफगानियों के खिलाफ FIR दर्ज की।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है।
 
जमशेदपुर में तीन अफगानी नागरिकों के नाम फर्जी तरीके से झारखंड की मतदाता सूची में दर्ज पाए गए हैं। इन विदेशी नागरिकों की पहचान मो. इब्राहिम (44 वर्ष), मो. असलम (41 वर्ष) और असिल खान (47 वर्ष) के रूप में हुई है। 
 

प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज थे नाम 

जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद जिला प्रशासन अब इनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
 
मिली जानकारी के अनुसार, ये तीनों न केवल पूर्व से ही मतदाता सूची में शामिल थे, बल्कि 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में भी इनके नाम दर्ज हो गए थे। 
 
तीनों के नाम जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 286 (हिंदुस्तानी संघ मध्य विद्यालय, गोलमुरी) की मतदाता सूची में पाए गए।
 

दस्तावेजों के सत्यापन में हुआ खुलासा 

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत जब दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया गया, तो इनके विदेशी नागरिक होने का संदेह हुआ। 
 
इसके बाद जमशेदपुर के उपायुक्त राजीव रंजन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए रांची स्थित पासपोर्ट कार्यालय से इनके पासपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि कराई।
 

पासपोर्ट कार्यालय ने की पुष्टि, होगी एफआईआर 

पासपोर्ट कार्यालय द्वारा जिला प्रशासन को सूचित किया गया कि डेटाबेस जांच के अनुसार, संदिग्ध अफगान नागरिक पाए जाने के कारण इनकी पूर्व में शुरू की गई प्रक्रिया रद कर दी गई है। 
 
पासपोर्ट कार्यालय से पुष्टि मिलने के बाद यह साफ हो गया कि इन्होंने फर्जी दस्तावेज जमा कर भारतीय मतदाता पहचान पत्र बनवाया था। 
 
उपायुक्त के निर्देश पर अब तीनों अफगानी नागरिकों के खिलाफ जालसाजी और नियमों के उल्लंघन के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।