रांची, जासं। लेप्रोस्कॉपिक सर्जरी के मुकाबले रोबोटिक सर्जरी ज्यादा कारगर है। इसमें थ्री डी विजन दिखता है। जिससे शरीर के किसी भी हिस्से तक पहुंचा जा सकता है। ये जानकारी रोबोटिक सर्जन डॉ. समीर खन्ना ने यूरोलॉजी चैप्टर के 29वें वार्षिक सम्मेलन में दी। डॉ. विमल डासी ने कहा कि किडनी प्रत्यारोपण में तेजी से रोबोटिक सर्जरी का प्रयोग हो रहा है।

यूरोलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया की ओर से होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित इस्ट जोन यूरोलॉजी चैप्टर के 29वें वार्षिक सम्मेलन का शनिवार को समापन हुआ। सम्मेलन के अंतिम दिन देश-विदेश से आए चिकित्सकों ने किडनी की बीमारी विशेषकर किडनी के कैंसर सहित कई और विषयों पर प्रजेंटेशन दिया गया। अमेरिका से आए चिकित्सक क्रिस्टोफर वुड ने किडनी की बढ़ती बीमारियों पर अपना प्रजेंटेशन दिया। 

देश में किडनी के बीमारी के मरीज बढ़े, डोनरों की संख्या बढ़ानी होगी

कहा गया कि भारत सहित पूरी दुनिया में किडनी से संबंधित बीमारियां बढ़ी हैं। बीमारी के कारण किडनी खराब हो रही है। लिहाजा किडनी दान करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि जरूरी है। इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा। चीन से आये डॉ. येनजुन ने पेपर प्रस्तुत किया। उन्होंने न्यूरो से संबंधित बीमारियां पर विचार रखे। इसके अलावा डॉ. अनुप चावला ने अपना शोधपत्र पढ़ा। डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि सम्मेलन के दौरान यूरिनल और ट्रांसप्लांट पर प्रस्तुति हुईं। सम्मेलन में दिल्ली, भुवनेश्वर और कोलकाता के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भाग लिया। 

करीब 125 डॉक्टरों ने प्रस्तुत किए प्रजेंटेशन

यूरोलॉजी के सम्मेलन में अलग-अलग माध्यम से करीब 125 डॉक्टरों ने प्रजेंटेशन दिया। डॉ. प्रेम ने बताया कि इस तरह के सम्मेलन से चिकित्सकों को काफी फायदा मिलता है। एक-दूसरे के साथ नयी विधि व तकनीकी साझा होती है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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