रांची, (जागरण संवाददाता) : International Human Rights Day 2021: अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस(International Human Rights Day) एकबार फिर सामने है. मानवाधिकार के लिए समर्पित यह दिन साथर्कता सिद्ध करने का दिन होता है। लेकिन 75 साल के बाद भी मानवाधिकार(Human Rights) न सुलभ हो पाया है और न ही इसके लिए लिये गये संकल्प पूरे हुए हैं। उल्टे मानवाधिकार हनन(Human Rights Abuses) की घटनाएं बढ़ी हैं. देश से लेकर राज्य और स्थानीय स्तर पर रोज मानवाधिकार का हनन हो रहा है. अब तो संविधान(Constitution), कानून(Law) और संवैधानिक संस्थान(Constitutional Institution) भी निरर्थक साबित होने के कगार पर खड़े हैं. पुलिस(Police) बेलगाम हो गई हैं और संवैधानिक संस्थान निष्क्रिय हो चूकी है।

न तो राज्य मानवाधिकार आयोग सक्रिय है और न ही महिला आयोग

झारखंड(Jharkhand) भी मानवाधिकार हनन के मामले में अव्वल साबित हो रहा है. यहाँ न तो राज्य मानवाधिकार आयोग(Human Rights Commission) सक्रिय है और न ही महिला आयोग। राज्य मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग, बाल सुधार आयोग, सूचना आयुक्त के अध्यक्ष का पद लंबे समय से रिक्त है. पुलिस शिकायत प्राधिकरण का गठन भी विधिवत नहीं हो पाया है. पुलिस ज्यादती की घटनाओं का तांता लगा है. इन्हीं सब मुद्दों को लेकर रांची लोक स्वातंत्र्य संगठन(Ranchi Public Freedom Organization) (पीयूसीएल) द्वारा 10 दिसम्बर यानि शुक्रवार के दिन अपराह्न 2.30 बजे से अल्बर्ट एक्का चौक पर मानव श्रृंखला आयोजित की जाएगी।

राज्यपाल और झारखंड सरकार को सौंपा जायेगा ज्ञापन

रांची पीयूसीएल (Ranchi PUCL) कार्यकारी सचिव अध्यक्ष रेणु दीवान और शैलेश पोद्दार ने बताया कि संबंधित विषय पर एक ज्ञापन राज्यपाल और एक ज्ञापन झारखंड सरकार को सौंपा जायेगा. आप सभी से आग्रह है कि मानव श्रृंखला में शामिल होकर मानवाधिकार के पक्ष में आवाज उठाएं. दूसरे संगठनों व साथियों को भी सूचित करें.

Edited By: Sanjay Kumar