गुमला, जासं। गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र के टेंगरा जामटोली गांव निवासी एग्न्यासुस केरकेट्टा उर्फ शनिचर कोयल नदी पार करने के दौरान रविवार को पानी के तेज बहाव में बह गया। सात दिन बीत जाने के बाद भी जब उसका शव नहीं मिला, तो स्वजनों ने शनिचर का पुतला बनाकर उसका अंतिम संस्कार शनिवार को टेंगरा कोयल नदी तट डोंगा घाट के समीप कर दिया। मृतक के बड़े पुत्र रोशन ने मुखाग्नि दी। बता दें कि रविवार को शनिचर बाजार गया था। उसी दौरान मूसलाधार बारिश शुरू हो गई थी। वापस लौटने के दौरान कोयल नदी में पानी बढ़ गया था। शाम के वक्त शनिचर नदी पार कर रहा था।

उसी दौरान वह पानी के तेज बहाव में बह गया। रात को जब शनिचर घर नहीं लौटा तो उसकी पत्नी व बेटे ने खोजबीन शुरू की और दूसरे दिन ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों ने कोयल नदी में शनिचर की तलाश की तो एक चट्टान के नीचे शनिचर का शव फंसा हुआ था। काफी प्रयास करने के बाद भी जब ग्रामीण शव को नहीं निकाल पाए तो इसकी सूचना प्रशासन को दी। सूचना मिलने पर प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पहुंचे। पानी का बहाव काफी तेज था। इसे देखकर प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को बसिया बुलाया। जब तक टीम बसिया पहुंचती, कोयल नदी में पानी बढ़ गया था।

एनडीआरएफ की टीम उक्त स्थान पर गई, जहां शनिचर का शव चट्टान में फंसा हुआ था। लेकिन पानी बढ़ जाने के कारण शव नहीं मिला और टीम बैरंग लौट गई। शव मिलने की उम्मीद छोड़ चुके स्वजनों ने शनिवार को शनिचर का अंतिम संस्कार पुतला बनाकर ही कर दिया। अंतिम संस्कार के दौरान रोशन केरकेटा, रूपेश केरकेटा, बिरसा खडिया, मंगरा उरांव, सोमरा उरांव, एतवा उरांव, दशरथ गोप, सुकरात खड़िया, मीनू राम, अजय भगत, फुंसियांन खान, राजकिशोर गोप आदि शामिल थे।

Edited By: Sujeet Kumar Suman