रांची, जासं। भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में देश के सारे उद्योग पूरी मेहनत के साथ जुटे हुए हैं। देश के उद्योग को बढ़ाने में मेकॉन अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। इसके इलेक्ट्रिकल विभाग के जीएम कमल श्रीवास्तव ने देश के बड़े उद्योगों के इलेक्ट्रि‍क और ऑटोमेशन में बड़ी भूमिका निभाई है। इनके साथ एक बड़ी टीम काम करती है, जो पावर सप्लाई और कंट्रोल से लेकर वर्क मॉनिटरिंग तक का काम करती है। उन्होंने सेल के कई बड़े स्टील प्लांट के साथ अन्य प्राइवेट स्टील प्लांट में इलेक्ट्रि‍कल और ऑटोमेशन फिल्ड में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कमल श्रीवास्तव बताते हैं कि किसी भी उद्योग में पर्फेक्शन और क्वालिटी कंट्रोल वर्क के लिए ऑटोमेशन की जरूरत होती है। ऑटोमेशन का बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रिक वर्क का होता है। ऐसे में हम यह समझकर काम करते हैं कि हमारे द्वारा किया गया हर काम देश की बुनियाद को बड़ी मजबूती देगा।

कई पुरस्कार प्राप्त कर देश को भोला सिंह ने किया गौरवान्वित

सेंट्रल कोलफील्‍ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के निदेशक तकनीकी (योजना-परियोजना) भोला सिंह का लगभग 34 वर्षों का लंबा अनुभव रहा है। इस दौरान उन्‍होंने देश एवं विदेश की प्रतिष्ठित सार्वजनिक एवं नि‍जी उपक्रमों में अपना योगदान दिया है। भोला सिंह ने आइआइटी, खड़गपुर से माइनिंग इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्‍त की। उन्‍होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1987 में कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एनसीएल से की। 2008 में उन्होंने एक अमेरिकी मल्‍टीनेशनल कंपनी में अपना योगदान दिया।

उसके बाद सिंगरौली (मध्‍य प्रदेश) के शासन पावर लिमिटेड में परियोजना निदेशक के रूप में सफलतापूर्वक योगदान देते हुए देश के पहले अल्‍ट्रा मेगा पावर परियोजना (6X660एमडब्लू) में कार्य करने का गौरव प्राप्‍त किया। इनके नेतृत्‍व में शासन परियोजना को उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन हेतु राष्‍ट्रपति द्वारा वर्ष 2017 में नेशनल सेफ्टी अवार्ड से सम्‍मानित किया गया। जल्द ही भोला सिंह एनसीएल में सीएमडी का कार्यभार संभालेंगे।

खनन क्षेत्र के विश्वकर्मा कहे जाते हैं वीके श्रीवास्तव

निदेशक तकनीकी (संचालन) वीके श्रीवास्‍तव को खनन उद्योग का विश्वकर्मा कहा जाता है। उन्होंने आइटी-बीएचयू से वर्ष 1984 में खनन इंजीनियरिंग में स्नातक किया और अमलाई कोलियरी, सोहागपुर क्षेत्र, एसईसीएल में जेईटी (खनन) के रूप में शामिल हुए। उन्होंने 1988 में प्रथम श्रेणी के खान प्रबंधक का प्रमाण पत्र पास किया। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में निदेशक (तकनीकी) के पद पर योगदान देने से पहले उन्होंने एसईसीएल और ईसीएल में अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठित पदों पर अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है।

शाहजहांपुर (यूपी) जिले में जन्मे और पले-बढ़े श्रीवास्‍तव ने अपनी उच्च माध्यमिक शिक्षा भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में डिस्टिंक्शन अंक के साथ सरकारी इंटर कॉलेज, शाहजहांपुर से की। उन्हें भूमिगत के साथ-साथ ओपनकास्ट कोयला खनन कार्यों में व्यापक और विविध अनुभव प्राप्त है और कठिन खनन समस्याओं को हल करने के लिए सरल विचारों को तैयार करने की आदत है। वीके श्रीवास्तव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से एसईसीएल में चार नई यूजी खानों अर्थात बंगवार, पवन इनक्लाइन, देवा इनक्लाइन और सिंदूरगढ़ परियोजना के उद्घाटन में शामिल हैं।

Edited By: Sujeet Kumar Suman