रांची, राज्य ब्यूरो। जाति आधारित जनगणना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करने के लिए दिल्ली जाने वाली सर्वदलीय कमेटी में प्रदेश भाजपा के नेताओं की भागीदारी की संभावना नहीं है। हालांकि भाजपा की सहयोगी आजसू पार्टी ने इसके लिए हामी भरी है, जबकि भाजपा असमंजस में है। भाजपा के वरीय नेताओं ने सर्वदलीय कमेटी में भागीदारी को लेकर चुप्पी साध रखी है। एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि अभी तक इस मामले में संगठन के अंदर विचार-विमर्श नहीं हुआ है।

राष्ट्रीय नेतृत्व से भी इस बाबत निर्देश मिलने की गुंजाइश कम है। ऐसे में सर्वदलीय कमेटी में शिरकत करने की संभावना नहीं दिख रही है। उधर, भाजपा की सहयोगी आजसू पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता डा. देवशरण भगत का कहना है कि हम शुरू से ही जातिगत जनगणना की मांग करते रहे हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री सह पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है।

जहां तक सर्वदलीय कमेटी की बात है, तो पार्टी इसमें भागीदारी निभाएगी। इससे इतर सत्तारूढ़ दलों का शिष्टमंडल सर्वदलीय कमेटी में शामिल होगा। तैयारी इस स्तर पर हो रही है कि अधिकाधिक दलों की भागीदारी प्रतिनिधिमंडल में हो। मुख्यमंत्री कार्यालय इसे अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।

विधानसभा सत्र में उठी थी मांग, मुख्यमंत्री हैं पक्ष में

जाति आधारित जनगणना पर दबाव बनाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सर्वदलीय कमेटी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की योजना बनाई। इस बाबत प्रधानमंत्री कार्यालय से समय मांगा गया है। जल्द ही पीएमओ से इस संबंध में सूचना आने की उम्मीद है। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधायकों ने जाति आधारित जनगणना के संबंध में आवाज बुलंद की थी।

प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरना आदिवासी धर्म कोड को जनगणना में शामिल करने की भी मांग करेंगे। राज्य सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र आहूत कर सरना धर्म कोड को जनगणना में शामिल कराने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था।

Edited By: Sujeet Kumar Suman