रांची, जेएनएन। रांची के नामकुम के रहने वाले खुद को मानवाधिकार कार्यकर्ता बताने वाले स्‍टेन स्‍वामी का निधन हो गया है। 84 वर्ष के स्‍टेन स्‍वामी की मुंबई में इलाज के दौरान मौत हो गई। वे भीमा कोरेगांव मामले में मुंबई की जेल में बंद थे। उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्‍या की साजिश रचने का भी आरोप है। भीमा कोरेगांव मामले में एनआइए यानि‍ राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी ने उनके नामकुम स्थित आवास से उनसे पूछताछ की थी। इस दौरान कई सामान बरामद किए गए थे। इसके बाद उन्‍हें एनआइए ने गिरफ्तार किया था और मुंबई ले जाया गया। तब से वे मुंबई की जेल में बंद थे।

बताया गया कि वे रविवार से ही वेंटिलेटर पर थे। आज दिन के लगभग 1:30 बजे उनकी मौत हो गई। बता दें कि मुंबई के हाई कोर्ट में उनकी जमानत पर सुनवाई हो रही थी। उन्‍होंने अपनी उम्र और बीमारी का हवाला देकर जमानत देने की गुहार लगाई थी। जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एमजे जमादार की बेंच उनकी जमानत पर सुनवाई कर रही थी। यह संयोग ही रहा कि सुनवाई के दौरान ही दिन के 2.30 बजे वरिष्ठ अधिवक्ता मिहिर देसाई ने अदालत को जानकारी दी कि उनकी मौत हो चुकी है।

भीमा कोरेगांव मामले में पहले महाराष्‍ट्र पुलिस जांच कर रही थी। इस क्रम में महाराष्‍ट्र पुलिस दो बार स्‍टेन स्‍वामी से उनके नामकुम बागीचा स्थित आवास पर पूछताछ की थी। बाद में इस मामले को एनआइए ने टेकओवर कर लिया था। स्‍टेन स्‍वामी पर आरोप है कि उन्‍होंने यलगार परिषद के बैनर तले भड़काऊ भाषण दिया। इसके बाद वहां हिंसा भड़क उठी। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था।

मुख्यमंत्री ने फादर स्टेन स्वामी के निधन पर जताया शोक

फादर स्टेन स्वामी के निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा शोक संतप्त परिवार को दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। सीएम ने कहा कि आदिवासी इलाकों में फादर स्टेन स्वामी ने समाजसेवा के उल्लेखनीय कार्य किए।

फादर स्टेन स्वामी का निधन हिरासत में मौत का मामला : माकपा

फादर स्टेन स्वामी को श्रद्धांजलि देते हुए माकपा के नेताओं ने कहा कि उनका निधन हिरासत में मौत का मामला है। माकपा ने एनआइए पर स्वामी को प्रताड़‍ित करने का भी आरोप लगाया है। माकपा ने सभी राजनीतिक बंदियों को अविलंब रिहा करने और उनपर लगाए गए एक्ट को रद करने की मांग की।

मौत के लिए केंद्र व एनआइए जिम्मेदार

ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम के झारखंड समन्वयक अनिल अंशुमन ने फादर स्टेन स्वामी की मौत के लिए केंद्र व एनआइए को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि फादर स्टेन स्वामी एनआइए व कोर्ट से लगातार अपील करते रहे कि उन्हें गंभीर बीमारी है। लेकिन उनकी गुहार अनसुनी कर दी गई।

कांग्रेस नेताओं ने जताया शोक

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डाॅ. रामेश्वर उरांव ने सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी के निधन पर गहरी संवेदना प्रकट की है। उरांव ने कहा कि उनके निधन के साथ ही आदिवासियत की आवाज दब गई। अर्बन नक्सल के नाम पर उन्हें जेल भेजा गया, जो उचित नहीं था। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव और डाॅ. राजेश गुप्ता छोटू ने भी स्वामी के निधन पर गहरी संवेदना प्रकट की।

Edited By: Sujeet Kumar Suman