रांची,जेएनएन। Jharkhand Lockdown AGAIN झारखंड में जानलेवा कोरोना वायरस महामारी ने कहर मचा रखा है। सरकारी आंकड़ों में रोज 50 से अधिक मौतें हो रही हैं। 4000 कोरोना पॉजिटिव की पहचान प्रतिदिन की जा रही है। लेकिन सरकार ने अबतक लॉकडाउन नहीं लगाया है। ऐसे में सड़क पर थोड़ी भीड़ कम जरूर दिख रही है, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के नए इलाके में और लोगों के बीच फैलने के तमाम कारण मौजूद हैं। कोरोना से बेकाबू हो रहे हालात पर सरकार ने अबतक किसी भी जिले में लॉकडाउन लगाने की घोषणा नहीं की है। हालांकि सीएम ने प्राथमिक स्‍तर पर लॉकडाउन सरीखी पाबंदियां बीते दिन लगाने की घोषणा की थी। इनमें सभी स्‍कूल, कॉलेज, कोचिंग, आइटीआइ, प्रशिक्षण केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्रों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया था। राज्‍य में आने वाले दिनों में होने वाली तमाम परीक्षाएं तत्‍काल प्रभाव से स्‍थगित कर दी गई थीं।

इधर राज्‍य के कई जिलों में कारोबारियों-दुकानदारों ने सेल्‍फ लाॅकडाउन लगाकर कोरोना संक्रमण का चेन तोड़ने की पहल की है। इससे लोगों की जान का जोखिम कम हुआ। राजधानी रांची के बाजार कुछ खुली तो कुछ बंद नजर आ रही हैं। अबतक यहां सैंकड़ाें दुकानें बंद हो चुकी हैं। शास्‍त्री मार्केट, जेजे मार्केट, हिरजी मार्केट में तो बजाप्‍ता दुकानें बंद कर यहां सेल्‍फ लॉकडाउन का बोर्ड भी लगा दिया गया है। 

कारोबारियों, दुकानदारों का कहना है कि अभी लोग बाजार में कोरोना के खौफ से कम निकल रहे हैं। ऐसे में जो दुकाने खुली हैं, वहां भी ग्राहक नहीं आ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि इससे अच्छा तो सरकार को लॉकडाउन ही लगा देना चाहिए था। इससे लोग अधिक सेफ रहते। सोमवार को भी रांची के कई इलाकों में व्यापारियों ने सेल्फ लाकडाउन की घोषणा की है।

लोहरदगा में चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से प्रत्येक रविवार को बाजार व्यवसाय को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। जिसे लेकर 18 अप्रैल को शहरी क्षेत्र में लगभग सभी दुकानें बंद रही।

खूंटी में दो बजे बंद हो जाएंगी तमाम दुकानें बंद

कोरोना वायरस के रोज बढ़ते संक्रमण से उत्पन्न परिस्थितियों का आकलन करके व बेकाबू हालात को देखते हुए खूंटी चेंबर ऑफ कॉमर्स और व्यवसायिक संघ ने संयुक्त रूप से मंगलवार से 30 अप्रैल तक सभी दुकानों को दोपहर दो बजे बंद करने का आहवान किया है। दोनों संगठन की ओर से इस संबंध में अपील जारी करते हुए कहा कि जो दुकानदार सेल्फ लॉकडाउन करना चाहते हैं, वे कर सकते हैं और जो नहीं करना चाहते हैं वे दोपहर दो बजे तक अपनी दुकानें बंद कर दें।

संघ ने कहा कि दुकान जब खुली रहे तो कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन करें। 30 अप्रैल के बाद जैसी परिस्थिति रहेगी वैसा निर्णय लिया जाएगा। संघ ने कहा कि कोरोना को लेकर पूरे देश व राज्य के साथ ही खूंटी जिले का हालात बेकाबू हो चुका है। सरकार और प्रशासन हालात को काबू करने में लगी हुई है पर यह पर्याप्त नहीं है, इसके लिए लोगों को खुद से भी कुछ निर्णय लेना पड़ेगा। दोनों संघ ने सभी व्यापारी बंधुओं से आग्रह किया है कि अपना, अपने परिवार और समाज के लिए सहयोग करें।

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