रांची, राज्य ब्यूरो। गुणवत्तायुक्त बिजली आपूर्ति अब सिर्फ कागजी बात नहीं होगी। राज्य की राजधानी रांची के महत्वपूर्ण इलाके जल्द ही अंडरग्राउंड केबल के जरिए मिलने वाली बिजली से गुलजार होंगे। वीवीआइपी क्षेत्र राजभवन, मोरहाबादी और साइंस सेंटर में अंडर ग्राउंड केबल चार्ज हो चुका है। इसी माह नामकुम और कुसई में भी अंडरग्राउंड केबल का कार्य पूरा हो जाएगा। इसे भी चार्ज करने की प्रक्रिया आरंभ होगी। इसके अलावा हटिया, कुसई, हरमू, आइआइटी और नामकुम में भी अंडरग्राउंड केबल का जाल बिछाया जा रहा है। यहां काम तेज गति से चल रहा है। इसके बाद खराब मौसम में भी बिजली की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।

24 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। अंडरग्राउंड केबल का काम पूरा हो जाने के बाद ओवरहेड बिजली के नंगे तार और पोल बीते दिनों की बात हो जाएंगे। इन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। रांची विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के महाप्रबंधक प्रभात कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक अंडरग्राउंड केबल से बिजली आपूर्ति होने के बाद ब्रेकडाउन की समस्या नहीं आएगी। इससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी। खराब मौसम में भी विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होगी। राजधानी के सारे सबस्टेशन अंडरग्राउंड केबल से जुड़ जाएंगे। फिलहाल केबल लगाने का 50 फीसद काम पूरा हो चुका है।

350 सर्किट किलोमीटर केबल, हर 500 मीटर पर डबल पोल

राजधानी में अंडरग्राउंड केबल का टास्क बड़ा है। यहां 33केवी क्षमता के 350 सर्किट किलोमीटर केबल का जाल बिछाना है। इसके अलावा 700 से 800 किलोमीटर 11केवी लाइन की केबल बिछेगी। अंडरग्राउंड केबल के जरिए बिजली आपूर्ति की निगरानी डबल पोल (डीपी) के जरिए होगी। हर 500 मीटर पर डबल पोल लगाया गया है, जहां संबंधित क्षेत्र में होने वाली तकनीकी समस्या का निपटारा होगा। रखरखाव में इससे सहूलियत होगी। राजधानी में अंडरग्राउंड केबल का कार्य सफलतापूर्वक होने के बाद इसे राज्य के अन्य महत्वपूर्ण शहरों में किया जाएगा।

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