रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। राष्ट्रवादी विचारकों के तीन दिवसीय लोकमंथन के उद्घाटन मौके पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भारतीय जीवन दर्शन की गहन व्याख्या की। उनका सारगर्भित वक्तव्य खचाखच भरे सभागार में पांच हजार से ज्यादा लोगों ने ध्यान से सुना और लगातार तालियों की बौछार की। उपराष्ट्रपति ने हिंदू जीवन पद्धति को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए धर्मनिरपेक्षता पर खतरा बताने वालों को जहां लपेटा वहीं असहिष्णुता का आरोप लगाने वालों को भी निशाने पर लिया।

उपराष्‍ट्रपति बोले-भारत के डीएनए में सर्वधर्म समभाव है। हर भारतीय के खून में सेक्युलरिज्म है। कोई देश को सहिष्णुता का पाठ पढ़ाने की कोशिश नहीं करे। भारत पर कई हमले हुए लेकिन हमने कभी किसी देश पर हमला नहीं किया। विदेश में भारत के खिलाफ बोलने वालों को उन्होंने नसीहत दी कि राजनीतिक कारणों से बाहर जाकर देश को बदनाम करना गलत है।


भारत अटक से कटक और कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक है। कुछ लोग इसे रियासतों में बंटा हुआ बताते हैं, उन्हें इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। हिन्दू संस्कृति ने विश्व को काफी कुछ दिया है। यह शेयर एंड केयर पर विश्वास करता है। दूसरों की सेवा हमारा मूलमंत्र है।
पांच बातों का हमेशा रखें ख्याल : देश के प्रति गर्व का भाव जाग्र्रत करने के लिए उन्होंने पांच बातों का हमेशा ख्याल रखने का सुझाव दिया। इसमें माता-पिता, जन्मभूमि, मातृभाषा, देश और गुरु हैं। गुलामी के दौर में मातृभाषा को समाप्त करने की कोशिश की गई। उन्होंने सलाह दी कि हर व्यक्ति बोलचाल में मातृभाषा का इस्तेमाल करे। अंग्र्रेजी का ज्ञान आवश्यक है लेकिन अंग्र्रेजी मानसिकता से हमें हर हाल में छुटकारा पाना होगा। उन्होंने लैटिन अमेरिका के देशों ग्वाटेमाला, पेरू का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के लोग मातृभाषा को नहीं जानते। उपनिवेश बनाने के बाद स्पेनिश लोगों ने उसे पूरी तरह समाप्त कर दिया।



समाप्त करना होगा छुआछूत को : उपराष्ट्रपति ने छुआछूत को समाज के लिए कलंक बताया। कहा कि इसे हर हाल में खत्म करना होगा। सरकारें अंतिम पंक्ति में बैठे लोगों के उत्थान की योजना बनाए। लोगों के कौशल विकास का भी उन्नयन करें। उन्होंने लैंगिक भेदभाव को भी समाप्त करने की पहल करने की अपील करते हुए कहा कि इससे जल्द से जल्द छुटकारा चाहिए।
बोले रघुवर, भारत बनेगा विश्वगुरु : समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि भारत विश्वगुरु बनेगा। हम भाग्यशाली हैं कि भारत में पैदा हुए हैं। भारत एक परिवार है और यह तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी यही सोच है। सबका साथ-सबका विकास उनका मूलमंत्र है। उन्होंने आशा जताई कि लोकमंथन भारतीय संस्कृति की छटा बिखेरेगी। उन्होंने झारखंड की समृद्ध एतिहासिक विरासत की चर्चा करते हुए भगवान बिरसा मुंडा समेत अन्य शहीदों के बलिदान को नमन किया।

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