जागरण संवाददाता, रांची। रातू रोड के आर्यापुरी में 24 अगस्त को ऑटोमोबाइल इंजीनियर राकेश यादव की दिनदहाड़े हत्या मामले का रांची पुलिस ने खुलासा कर लिया है। इस हत्याकांड को अंजाम देने में शामिल रहे एक अपराधी हिमांशु दुबे को हथियार के साथ दबोच लिया है। वह गढ़वा जिले के कांडी थाना क्षेत्र के चिनिया का रहने वाला है। उसके पास से दो पिस्टल, दो कट्टा, अलग-अलग बोर की 26 गोलियां और एक बैग बरामद किया गया है। एसएसपी अनीश गुप्ता ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि राकेश की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता रातू रोड में रहने वाले ठेकेदार संजय पांडेय है। उसकी बहन से राकेश का प्रेम-प्रसंग था। यह संजय को नागवार गुजर रहा था।

नागवारी के बीच इसी वर्ष मई महीने में राकेश को मोरहाबादी से उठाकर कांके ले गया था। वहां मारपीट भी की थी और बहन से संबंध तोड़ने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद संबंध नहीं छोड़ने पर राकेश की हत्या की साजिश रच डाली। इसके बाद गढ़वा के ही पिंटू दूबे नाम के अपराधी से संपर्क कर 3.5 लाख रुपये में सुपारी दी। पिंटू दूबे ने इस हत्या के लिए गिरफ्तार हिमांशू को राकेश की रेकी के लिए लगा दिया था। रेकी के लिए वह आर्यपुरी स्थित योग गिरी अपार्टमेंट के समीप उसी के मकान में एक कमरा लेकर रहने लगा। वहां रहकर हिमांशु लगातार रेकी करता रहा। उसकी हर गतिविधियों पर नजर रखता था। इस बीच मौका देखकर 24 अगस्त को आर्यपुरी रोड में ही गोली मारकर हत्या कर दी।

फर्जी आधार कार्ड दे बन गया था पड़ोसी हिमांशु ने राकेश की रेकी के लिए उसके ही पड़ोस में फर्जी आधार कार्ड के आधार पर उसी के मकान पर कमरा ले लिया था। लालगुटवा स्कूल के समीप भी शूटरों में से एक अपराधी ने कमरा ले रखा था। हत्या के दिन दलादली चौक पर दो अपाची मोटरसाइकिल रखी गई थी। चारो शूटर मोटरसाइकिल लेकर हथियार के साथ सुबह नौ बजे आर्यपुरी पहुंचे। साढ़े नौ बजे राकेश अपने भाई निलेश के साथ स्कूटी से जैसे निकला। अपराधियों ने उसका पीछा किया। रातू रोड दुर्गा मंदिर के पास अभियुक्तों ने राकेश को रोका। उन्हें देख दोनो भाई भागने लगे। इसी दौरान शूटरों ने राकेश पर ताबड़-तोड़ गोलिया चला दी। घटना स्थल पर ही राकेश की मौत हो गई। इसके बाद पाचों अपराधी मोटरसाइकिल में सवार होकर पॉपुलर नर्सिंग होम के रास्ते से लालगुटवा पहुंचे। किराए के मकान में हथियार रखा और फिर फरार हो गए।

फर्जी केस कराने के आरोप में जेल में बंद है साजिशकर्ता एसएसपी ने बताया कि राकेश की हत्या का साजिशकर्ता संजय पांडे गोलीबारी की फर्जी केस कराने का आरोपित रहा है। उसके खिलाफ आ‌र्म्स एक्ट का केस दर्ज किया गया था। उस मामले में वह जेल में बंद है। जेल जाने से एक महीने पहले ही हत्या की सुपारी दे चुका था। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।

सत्यापन के बाद ही किराएदार रखने की अपील एसएसपी ने अपील की है कि शहर में किराएदार रखने वाले पूरी सत्यापन के बाद ही किराएदार रखें। उनकी पहचान का प्रमाण लें, इसके बाद पुलिस सत्यापन के लिए भेजें। ताकि उनकी गतिविधियों पर पुलिस भी नजर रख सके।

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