रांची, जासं। नवजात के साथ ज्यादती की लगातार आ रही खबरों पर संज्ञान लेते हुए बाल संरक्षण आयोग ने अपनी मुश्कें कस ली हैं। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ऐसे नवजातों का हाल जानने करुणा एनएमओ और रानी हॉस्पिटल पहुंचीं।

करुणा एनएमओ में बुदू कंडिर द्वारा दिए आवेदन के आलोक में जांच की, जिसमें बूदू ने आरोप लगाया था कि उसे सीडब्ल्यूसी खूंटी ने जब दो जुड़वां बच्चों सरिता कंडिर और सागर कंडिर को सौंपा था तो उसमें सागर के स्थान पर मंगरा नाग को दिया था।

इसके पहले भी जब राची सीडब्ल्यूसी ने बच्चा सौंपा था तो उस समय भी मंगरा को सागर कह कर दिया था,जिसे करुणा में वापस किया था। पुन: उसी बच्चा को खूंटी सीडब्ल्यूसी ने दिया, जिसकी तबीयत खराब होने पर बेहतर इलाज के लिए आयोग को आवेदन दिया था।

आयोग ने राची और खूंटी सीडब्ल्यूसी को जानकारी देते मंगरा और सरिता को बेहतर इलाज के लिए रानी अस्पताल में एडमिट कराया। साथ ही सागर और मंगरा के मामले की जाँच की। जांच में दस्तावेजीकरण के क्रम में हुई गलती को सुधारने हेतु राची और खूंटी उपायुक्त को पत्र लिखा।

साथ ही रानी अस्पताल में बच्चों के संबंध में डॉक्टर से जानकारी ली। डॉ ने सोमया समद को ठीक होने की बात बताई। रानी अस्पताल में खूंटी के 11 बच्चों और राची की एक बच्ची को इलाजरत पाया गया। राची के हिनू शिशु सदन से लिए गए बच्चों के संबंध में बाल संरक्षण आयोग जल्द ही राची और खूंटी जिला प्रशासन के साथ बैठक करेगी।

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