रांची, जेएनएन। डीवीसी पर झारखंड सरकार का 3300 करोड़ रुपया बकाया है। पिछले महीने 300 करोड़ के बदले मात्र 20 करोड़ का भुगतान किया गया। इस बकाया के कारण डीवीसी की स्थिति डांवाडोल हो चुकी है फिलहाल कंपनी के पास कोयला खरीदने तक के पैसा नहीं है।

परिणाम स्वरूप डीवीसी का पीएलएफ (प्लांट लोड फैक्टर) 71 से मात्र 50 फीसद रह गया है। नतीजा यह हुआ कि हजारीबाग और रामगढ़ में पिछले एक माह से बिजली आपूर्ति की स्थिति दयनीय हो गई है। इन तथ्यों के आलोक में शनिवार को समाहरणालय में सांसद सह केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा, डीवीसी और बिजली विभाग के अधिकारियों व सांसद प्रतिनिधियों की बैठक हुई।

बैठक के बाद जयंत सिन्हा ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से आग्रह करेंगे कि डीवीसी का भुगतान हो जाए ताकि वह कोयला खरीद कर उत्पादन बढ़ा सके और बिजली संकट जल्द दूर हो सके। आगे कहा कि वर्तमान बिजली संकट का मुख्य कारण डीवीसी का उत्पादन कम होना, बरसात के कारण बिजली पोल क्षतिग्रस्त होना, नए सब स्टेशन का सुचारू नहीं होना तथा मेंटेनेंस आदि शामिल है।

80 मेगावाट का है करार, उत्पादन कम होने से नहीं हो रही आपूर्ति : बताया कि डीवीसी के साथ सीडी (कांट्रैक्टिव डिमांड) 80 मेगावाट है, उत्पादन कम होने से इसकी भी आपूर्ति नहीं हो रही जबकि इसे बढ़ाकर 120 मेगावाट करना है। इसके लिए 50 एमबीए का ट्रांसफार्मर लगाने का काम चल रहा है जो आगामी दो माह में चालू हो जाएगा।

इसके अलावा बड़कागांव, केरेडारी, टाटीझरिया व चुरचू आदि स्थानों में सब स्टेशन नहीं है। दिसंबर तक कई सब स्टेशन के चालू हो जाने से स्थिति में काफी सुधार हो जाएगा। बताया कि हजारीबाग में रामनवमी मार्ग में अंडरग्राउंड केब¨लग का कार्य नवंबर तक पूरा हो जाएगा जिससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था में काफी सुधार हो जाएगा।

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