राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पिछले दिनों रिम्स में हुई हड़ताल और इस दौरान डॉक्टरों व नर्सों की अनुशासनहीनता को गंभीरता से लिया है। हड़ताल के दौरान हुई मरीजों की मौत को लेकर भी वे काफी नाराज हैं। उन्होंने इसे लेकर मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी के अलावा स्वास्थ्य विभाग और रिम्स के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने साफ-साफ कहा कि रिम्स में किसी तरह की अनुशासनहीनता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग और रिम्स के पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि अब रिम्स में हड़ताल होती है और इसमें यदि किसी मरीज की मौत होती है तो हड़ताली डॉक्टरों और नर्सों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रिम्स में चिकित्सक अब सिर्फ चिकित्सा और चिकित्सा शिक्षा का काम करेंगे। प्रबंधन का कामकाज देखने के लिए वहां आइएएस पदाधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। वहां अब हर किसी की जवाबदेही तय होगी। जवाबदेही का निर्वहन नहीं करने पर संबंधित पदाधिकारियों-कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। उन्होंने रिम्स में तत्काल एक पुलिस पिकेट स्थापित करने का निर्देश दिया। इस पुलिस पिकेट का काम सुरक्षा के साथ-साथ किसी घटना से ग्रसित लोगों से पूछताछ कर संबंधित थाने को रिपोर्ट भेजना होगा। मुख्यमंत्री ने रिम्स में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 200 रिटायर सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने का भी निर्देश दिया।

मरीज के साथ रहेंगे मात्र एक अटेंडेंट
सीएम ने कहा कि रिम्स में मरीजों के पास अनावश्यक भीड़ लगी रहती है। इसपर तुरंत रोक लगनी चाहिए। प्राइवेट अस्पतालों की तरह वहां महज एक अटेंडेंट रहेगा। उन्होंने मरीजों के पास भीड़ लगे होने पर दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई का भी निर्देश दिया।

सिस्टम से काम करें नहीं तो बाहर का रास्ता देखें
मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों को हिदायत दी कि वहां सभी काम सिस्टम से हो। सिस्टम बनाएं और उसका सख्ती से पालन कराएं। सिस्टम के विरुद्ध जो जाता है उसे बाहर का रास्ता दिखाएं।

हटाए जाएंगे रिम्स परिसर स्थित डायग्नोस्टिक सेंटर और लैब
मुख्यमंत्री ने रिम्स परिसर में चल रहे डायग्नोस्टिक सेंटर तथा पैथोलैब को तत्काल हटाने का भी निर्देश दिया। पूछा, जब रिम्स के अंदर ही इसकी सुविधा है तो बाहर ये सेंटर कैसे खुल गए? रिम्स के आसपास रिम्स के चिकित्सकों के क्लिनिक चलाने पर भी रोक लगाने का आदेश दिया।

नहीं चलेगी रिम्स में दलाली
मुख्यमंत्री ने रिम्स में दलालों को घूमने पर भी नाराजगी जताई। कहा, रिम्स में दलाल घूमते रहते हैं। चिकित्सकों की उनसे मिलीभगत रहती है। अब ऐसा नहीं चलेगा। बाहर डायग्नोस्टिक सेंटर तथा पैथोलैब नहीं चलने से इनकी दलाली बंद होगी।

मुख्यमंत्री के बोल
- रिम्स सेवा करने की जगह है। डॉक्टर और नर्स इसी भाव से काम करें।
- जनता यहां काफी उम्मीद लेकर इलाज कराने आती है। उन्हें कोई परेशानी न हो।
- हर किसी को अपना काम करना होगा। नौकरी समझेंगे तो काम नहीं चलेगा।

बैठक में ये भी रहे उपस्थित
मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त डीके तिवारी, स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील वर्णवाल, भवन निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव सुधीर रंजन तथा रिम्स के प्रभारी निदेशक डा. आरके श्रीवास्तव।