रांची : शहर के सभी जलाशयों पर संकट के बादल हैं। कई सूख गए और कई सूखने के कगार पर हैं। केवल तालाब ही नहीं, राजधानी के डैम भी सूखने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। शहर के करीब 20 फीसद इलाकों में हटिया डैम से पानी की सप्लाई की जाती है। जाहिर है यह डैम शहर में जलापूर्ति को लेकर अहम भूमिका निभाता है। लेकिन अन्य जलाशयों की ही तरह हटिया डैम भी जलस्रोत की कमी से जूझ रहा है।

हटिया डैम स्वर्णरखा नदी पर बना है। डैम के पास स्वर्णरेखा के अलावा कोई और जलस्रोत नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों से बरसात के मौसम में छोटे-मोटे नहर भी डैमों में मिलते थे। लेकिन वर्तमान में हटिया डैम अपने सभी जलस्रोत खो चुका है। यही कारण है कि गर्मियों में डैम का जलस्तर बेहद कम हो जाता है। आज की तारीख में हटिया डैम का जलस्तर 27 फीट है।

---

¨रग रोड के कारण स्वर्णरेखा को बदलना पड़ा रास्ता -

राजधानी के विकास का एक प्रतीक ¨रग रोड हटिया डैम के संकट का कारण है। ¨रग रोड के निर्माण के पहले स्वर्णरेखा नदी का पानी सीधा डैम में आकर मिलता था। लेकिन सड़क के निर्माण के बाद नदी के साथ-साथ छोटे-बड़े नहर व पानी की धाराओं का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। स्वर्णरेखा को डैम तक पहुंचने के लिए अब कोई रास्ता नहीं बचा। छोटे नालों अन्य रास्तों से नदी का केवल 25 फीसद पानी ही अब डैम को मिल पा रहा है। अर्थात जलस्रोत के नाम पर हटिया डैम के पास सभी विकल्प लगभग समाप्त हो चुके हैं।

----

भूगर्भ जल का भी नहीं है विकल्प -

आम तौर पर जलाशयों के अपने जलस्रोत होते हैं। कुएं और तालाबों की तरह ही डैमों को भी भूगर्भ से जल मिलता है। लेकिन वर्तमान में हटिया डैम के पास भूगर्भ जल का विकल्प नहीं है। हटिया अभियंता शशिशेखर सिंह ने बताया कि डैम के पानी का भूगर्भ जल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि वर्षा जल के अलावा डैम के पास कोई जलस्रोत नहीं है।

----

वर्षा जल पर पूरी तरह आश्रित है हटिया डैम -

तमाम बाहरी जलस्रोत के नष्ट होने के बाद हटिया डैम के पास केवल वर्षा जल का ही सहारा है। डैम के कैचमेंट एरिया के अंतर्गत जो वर्षा होती है वही डैम के जलस्तर का निर्धारण करता है। शहर के अन्य डैमों की अपेक्षा हटिया डैम ऊंचाई पर बसा है। इस कारण वर्षा जल के संचयन में भी परेशानी आती है। लेकिन सफाई के कारण स्थिति काबू में है।

----

बढ़ सकती है हटिया डैम की जिम्मेदारी -

आने वाले समय में हटिया डैम से जलापूर्ति बढ़ने की उम्मीद है। शहर के नए भाग में जलापूर्ति का जिम्मा हटिया के जिम्मे ही आएगा। फिलहाल डैम से प्रतिदिन 10 एमडीजी पानी शहर को दिया जा रहा है। लेकिन आने वाले कुछ दिनों में हटिया के पानी का एक हिस्सा स्मार्ट सिटी को भी दिया जाएगा। लेकिन बढ़ती जिम्मेदारी के लिए हटिया डैम अभी तैयार नहीं है।

---

वर्जन :

डैम का स्वर्णरेखा नदी के आलावा कोई और जलस्रोत नहीं है। वर्षा जल का फायदा मिलता है। लगातार सफाई के कारण पानी की समस्या नहीं होती है। हर साल मिट्टी की कटाई से डैम की क्षमता को बढ़ाया गया है। आने वाले भविष्य में कैचमेंट एरिया को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

शशिशेखर सिंह, अभियंता, हटिया डैम

By Jagran