जागरण संवाददाता, रांची : मिथिला महोत्सव के तीसरे दिन शनिवार को कलर्स चैनल की उप विजेता मैथिली ठाकुर व पोर्ट ऑफ स्पेन में भारतीय संगीत की शिक्षा व प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिनियुक्त हरिनाथ झा ने परंपरागत गीत, विद्यापति गीत व लोक गीतों से उपस्थित मिथिलांचल वासियों का मन मोह लिया। दूसरी ओर माधव राय, जूली झा और पूनम मिश्रा ने मिथिला गीतों की प्रस्तुति कर उपस्थित लोगों को भाव विभोर कर दिया। मैथिली ठाकुर के गीत ब्राह्मण बाबू यौ.. के बोल पर मिथिला वासी आह्लंडादित हो उठे। इसके अलावा उन्होंने नन्दक नंद कदम्बक तरू तर.., अपना किशोरी जी के अहल बजेबे है, हम मिथिले में रहबै.. और माई हे जोगिया ठाढ़ अंगनमा में.. का भी तान छेड़ा।

हरिनाथ झा जो जो वर्तमान में मैथिली के ध्रुपद सम्राट माने जाते हैं, उन्होंने माधव हम परिणाम निराशा.., जुल्फी वाली कनिया.., और ई जुनि पुछू आहो बिना.. व रंगाला ई बिहार.. गीत गाकर उपस्थित श्रोताओं को संगीत की सुरलहरी में सराबोर कर दिया। माधव राय ने स्वर्गो से सुंदर अपन मिथिला धाम.., दिल में बसलौं, अहां दिल में बसा लिअ.., सुन पगली गे, पागल कहनै जमाना.. व खिड़की के दाग से तू पर्दा हटा दे.. गाकर उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। जूली झा ने जग में गत पहिने उगए सुरूज हे.., कोने रे मासे देसवा हरियाले गेलय.., डिबिया जरा कनम ही सजना के याद में.. व छौड़ा काटय अजुरिया अन्धार में.. गाकर लोगों को आनंदित किया। पूनम मिश्रा ने सुनु हनुमान यौ.., कोना कहू पिया जी.. के बोल गुनगुनाए। नेपाल स्थित जनकपुर धाम की हैलो मिथिला टीम ने सामूहिक नृत्य व प्रहसन प्रस्तुत किया। नृत्य मंडली में सुनीता, लक्ष्मी, आकृति, बीएन पटेल, रीना यादव व अजय मंडल शामिल थे।

स्थानीय कलाकार निभा झा व रूपा चौधरी ने भी अपनी गीतों से उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम के उद्घोषक के रूप में राम सेवक ठाकुर ने अपने चुटीले अंदाज से मैथिली महोत्सव का समां बांधा। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी वित्त (व्यय) सचिव एएन झा, प्रधान सचिव अविनाश कुमार, अजयानंद झा, मेदांता गुड़गांव के न्यूरो विभागाध्यक्ष को झारखंड मिथिला मंच ने पाग व दोपंट्टा देकर सम्मानित किया। मौके पर मंच के अध्यक्ष श्रीपाल झा, महासचिव संतोष झा, संयोजक मनोज मिश्रा समेत मंच के 400 से अधिक स्वयंसेवक, वैदेही प्रकोष्ठ की 100 से अधिक महिला स्वयंसेवक भी उपस्थित थीं।