रांची, जेएनएन। भारत संस्कृति प्रधान देश है। यहां प्रतिदिन कोई न कोइ व्रत होता रहता है। भारतीय मनीषियों ने जो व्रत बनाया है, उसका मूल उद्देश्य व्यक्ति और समाज को पथ भ्रष्ट होने से बचाना है। भारतीय गणना के अनुसार चार स्वयं सिद्ध मुहूर्त हैं। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, अक्षय तृतीया, दशहरा और दीपावली। बैशाख मास के शुक्ल पक्ष के त्रितया को मनाया जाने वाला यह व्रत अपने आपमें महत्वपूर्ण है। इस वर्ष यह पर्व 18 अप्रैल को मनाया जाएगा। इसी दिन परशुराम जी का जन्मदिन भी मनाया जाता है। यह सतयुग त्रेतायुग का आरंभ, भगवान विष्णु का अवतार, द्वापर युग का समापन , गंगा का आगमन और बद्री नाथ का कपाट खुलने का दिन है।

अक्षय तृतीया के अवसर पर किसी भी प्रकार का शुभ कार्य किया जा सकता है। कोई नई वस्तु खरीदना हो, शादी विवाह, मुंडन, जनेऊ और गृह प्रवेश में मुहूर्त देखना कोई जरूरी नहीं है। इस दिन किए गए दान या पूजा का अक्षय फल प्राप्त होता है। साथ में पितर संबंधी भी कार्य किया जा सकता है। इस वर्ष इस पावन पर्व पर उनका शुभ योग बन रहा है। कृतिका नक्षत्र का सौभाग्य योग, आयुष्मान योग और सर्वर्स सिद्ध योग बन रहा है। त्रितया पूरा दिनभर है। यह 18 अप्रैल को रात्रि 3 बजे तक है।

नदी में स्नान का है विशेष महत्व:

किसी पवित्र नदी या जल में स्नान और दान का महत्व है। साथ में भगवान विष्णु और लक्ष्मी माता का पूजन कमल और गुलाब फूल का अर्पण करके किया जाता है। किसी मंदिर में जल दान, सरबत दान और मौसम के अनुसार फल के दान का विशेष महत्व है। घड़ा में जल भरकर, पंखा का दान खुब किया जाता है। इस दिन कुछ धन अर्जन का भी महत्व है। व्यक्ति अपनी राशि के अनुसार समान खरीद और दान कर सकता है।

राशि अनुसार करें ये उपायः

मेषः सोना, पीतल, तांबा खरीद और दान कर सकते हैं।

वृषः चांदी सफेद वस्तु खरीद और सरबत का दान कर सकते हैं।

मिथुनः सोना, पीतल और मूर्ति खरीद और दान कर सकते हैं।

कर्कः चांदी का बर्तन, सिक्का और आभूषण खरीद सकते हैं। दूध का दान कर सकते हैं।

सिंहः सोना, तांबा के साथ मौसम के अनुसार फल खरीद और दान कर सकते हैं।

कन्याः चांदी, पीतल वस्त्र और सब्जी खरीद और दान कर सकते हैं।

तुलाः चांदी सिक्का, इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीद और दान कर सकते हैं।

वृश्चिकः सोना, पीतल व चना खरीद और दान सकते हैं।

धनुः चांदी के बर्तन, सिक्का और पीला वस्तु खरीद और दान कर सकते हैं।

मकरः सोना, लोहा और जल का उपकरण खरीद और दान कर सकते हैं।

कुंभः सोना-चांदी के सिक्के और वाहन खरीद और दान कर सकते हैं।

मीनः सोना, पीला वस्तु और धार्मिक पुस्तक खरीद और दान कर सकते हैं। 

 

-आचार्य प्रणव मिश्र, आचार्यकुलम, अरगोड़ा, रांची।

Posted By: Sachin Mishra