रांची, दिलीप कुमार। सदर थाना क्षेत्र रांची की बूटी बस्ती में 15 दिसंबर, 2016 की रात सामूहिक दुष्कर्म के बाद जिस बीटेक छात्रा 'निर्भया' की तार से गला घोंट कर हत्या कर दी गई थी, उस मामले की जांच अब सीबीआइ करेगी। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए छात्रा के चेहरे पर मोबिल छिड़क कर आग लगा दी गई थी।

इस मामले को रांची पुलिस से लेकर सीआइडी तक ने चुनौती के रूप में लिया था, लेकिन नतीजा शून्य रहा। अब सीबीआइ मुख्यालय ने इस बहुचर्चित मामले की जांच की स्वीकृति दे दी है। झारखंड के गृह विभाग को सीबीआइ का स्वीकृति पत्र मिल गया है। शीघ्र ही इस मामले में सीबीआइ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर देगी।

सीबीआइ की स्वीकृति से लोगों में इंसाफ की आस फिर से जगी है। बीटेक छात्रा की मौत का राज सवा साल बाद भी राज ही बनकर रह गया था। पुलिस अपराधियों तक तो नहीं ही पहुंच पाई, हत्या के कारण तक नहीं तलाशे जा सके।घटना के 15 दिन बाद ही मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सीबीआइ जांच की अनुशंसा कर दी थी।

इस बाबत बार-बार सीबीआइ को रिमाइंडर भेजा जाता रहा। अब करीब सवा साल बाद इस मामले की जांच के लिए सीबीआइ ने हरी झंडी दी है। 

By Preeti jha