कांके : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के प्रकृति छात्रावास में रविवार की रात अज्ञात युवकों ने घुसकर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ किया। घटना से आक्रोशित छात्राओं सोमवार की सुबह कृषि कॉलेज खुलते ही वानिकी संकाय को बंद कर दिया और लगभग 9.30 बजे धरने पर बैठ गई। असुरक्षित छात्राओं ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की। विश्वविद्यालय के वानिकी संकाय की ग‌र्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने सुरक्षा को लेकर बड़ी देर तक नारेबाजी भी की। साथ ही विश्वविद्यालय के सुरक्षा पदाधिकारी को हटाने की भी मांग की।

ज्ञात हो कि सुरक्षा पदाधिकारी को अनुबंध पर नियुक्त किया गया है, जो दिव्यांग हैं। सूचना देने के बावजूद सुरक्षा पदाधिकारी व अन्य 4 घटे विलंब से छात्रावास पहुंचे। छात्राओं का कहना है कि रविवार की रात लगभग 11.30 बजे चारदीवारी के रास्ते कुछ बाहरी अज्ञात युवक छात्रावास में घुसे। वे सभी छात्रावास के दरवाजों व खिड़कियों से छात्राओं को छेड़ने लगे। छात्राओं ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद सुरक्षा को लेकर डीन कुछ नहीं करते हैं। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि नया हॉस्टल मिलेगा, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। छात्राओं ने छात्रावास की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाया है।

समाचार लिखे जाने तक छात्राएं कॉलेज गेट पर बैठी हुई थीं। उनसे मिलने कोई भी विवि का वरीय अधिकारी नहीं पहुंचा। इधर, विवि के डीन महादेव महतो व सुरक्षा पदाधिकारी एसके राव ने कहा कि यह कहना मुश्किल हो कि 11.30 बजे रात में बाहरी लोग घुसे थे। रात में सूचना मिलते ही सिक्योरिटी इंचार्ज को फोन किया गया था। उसने बताया कि तीन-चार बार छात्रावास का चक्कर लगाया, पर उन्हें कोई नहीं दिखा। छात्राओं ने भी किसी को नहीं देखा है। गार्ड ने हवा में फाय¨रग की थी। उसे लगा था कि कोई होगा, तो भाग जाएगा।

छात्राओं ने उठाया हॉस्टल की मरम्मत पर सवाल धरने पर बैठीं छात्राओं ने छात्रावास की मरम्मत पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि छात्रावास की मरम्मत वर्ष 2013 में की गई थी। लाखों रुपये खर्च हुए थे। इसके बावजूद कई कमरों की छत का प्लास्टर अक्सर गिरते रहता है। इससे छात्राएं भयभीत हैं। उनका कहना है कि कभी भी इससे किसी तरह की बड़ी दुर्घटना हो सकती है। छात्राओं का यह भी आरोप है कि हॉस्टल के कई कमरों का दरवाजा अंदर से लॉक नहीं होता है।

पहले भी सुरक्षा को लेकर हुए हैं आंदोलन विश्वविद्यालय के छात्रावास की सुरक्षा को लेकर पहले भी आदोलन छात्र-छात्राओं द्वारा किए गए हैं, पर विवि प्रशासन ने अभी तक इस पर कोई सार्थक पहल नहीं की है। किसान भवन में रहने वाली छात्राओं ने भी कुछ दिन पहले सवाल उठाया था। उन्होंने कृषि संकाय की कक्षाओं का बहिष्कार किया था। उनका भी आरोप था कि भवन में बाहरी लोग घुस जाते हैं। सुरक्षा गार्ड कुछ नहीं करते हैं। इससे पहले कृषि कॉलेज के छात्र भी हॉस्टल की सुरक्षा पर सवाल उठाते रहे हैं। बाहरी तत्व और छात्रों के बीच जमकर मारपीट भी हुई थी। इस दौरान कई लोग को गंभीर चोट आई थीं। कुछ दिन के बाद छात्रों ने सुरक्षा को लेकर कॉलेज और कई विभाग तक बंद करा दिए थे।   

छात्रावास के समीप के काटे जा रहे हैं पेड़ छात्रावास के समीप मजदूरों द्वारा हरे पेड़ों को काटा जा रहा है। डीन डॉक्टर महादेव महतो, प्रो.रासबिहारी और कनीय अभियंता जिआउद्दीन अंसारी की मौजूदगी में पेड़ आज भी काटे गए। जब डीन से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि पेड़ किसी काम के नहीं हैं, इसलिए काटे जा रहा हैं। ज्ञात हो कि एक वर्ष पूर्व वेटनरी कैंपस में भी बिना वन विभाग के आदेश के दर्जनों पेड़ काटे जा चुके थे, जो रिसर्च के थे।