रांची, जेएनएन : सामाजिक विज्ञान मे शोध को नई दिशा देने की जरूरत है। शोध गुणवलाापूर्ण हों, जो कि समाज और देश हित मे हों। अच्छे शोध के लिए सबसे पहले शोधकर्ता को अपनी कार्यशैली सुधारनी होगी। ये बाते ईस्ट-वेस्ट यूरोपियन विवि हॉलैड के प्रोफेसर मोहनकांत गौतम ने कहीं। वे सोमवार को रांची विवि के पीजी मानवशास्त्र विभाग मे आयोजित व्याख्यान मे बोल रहे थे, जिसका विषय क्वालिटी एजुकेशन इन सोशल साइंस था। प्रो. मोहनकांत ने कहा कि विद्यार्थी किसी विषय के विभिन्न पहलुओ को समझकर अपने विचार दें। इन्होंने कहा कि मैनेजमेट से कार्यदक्षता बढ़ती है।

सफल कार्य के लिए अच्छा मैनेजमेट जरूरी है। इन्होंने कहा कि सामाजिक विज्ञान के विद्यार्थी खोजबीन कर नई बाते सामने लाएं। कहा, अंबेडकर ने कभी नही कहा कि हम दलित है। उन्होंने सभी को बराबरी का दर्जा देने की बात कही थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची विवि के कुलपति प्रो. रमेश कुमार पांडेय ने की। मौके पर पूर्व कुलपति डॉ. एलएन भगत, सोशल साइंस डीन डॉ. आइके चौधरी, डॉ. करमा उरांव, विभागाध्यक्ष डॉ. अविनाश चंद्र मिश्रा, तालकेश्र्वर महतो सहित अन्य थे। मुख्य अतिथि की बिगड़ी तबियत कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि प्रो. मोहनकांत गौतम की तबियत अचानक खराब हो गई। वे विद्यार्थियो को संबोधित कर रहे थे, इसी बीच उन्होंने कहा कि उनकी तबियत ठीक नही है। थोड़ी देर बाद संबोधित करेगे। इसके बाद वे कुर्सी पर बैठ गए। करीब पांच मिनट बाद उन्हे उल्टी होने लगी। बगल मे बैठे वीसी व अन्य शिक्षको ने उन्हे संभाला। डॉ. करमा उरांव ने व्याख्यान समाप्त होने की घोषणा की।