रांची : बड़गाई अंचल मे ऑनलाइन रिकॉर्ड मे छेड़छाड़ कर म्यूटेशन किए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। मामला भू-राजस्व विभाग के सचिव केके सोन तक पहंुच गया है। बड़गाई सीओ विनोद प्रजापति की भूमिका संदिग्ध रहने का आरोप लगाते हुए संबंधित जमीन के मालिक मोइज मंजर अंसारी ने शिकायत की है। शिकायत मे कहा है कि अंचलाधिकारी द्वारा नामातरण बाद सख्या 1409-आर-27/17-18 को ऑनलाइन रिकॉर्ड मे छेड़छाड़ करते हुए दाखिल खारिज कर दी गई है। गलत ढग से दाखिल खारिज कराने की कोशिश करनेवालो का न तो जमीन पर कब्जा है, न कोई अधिकार। इसे लेकर आपलिा दर्ज की गई थी, आपलिा के बाद सीआइ की अनुसंशा पर सीओ विनोद प्रजापति ने सबधित वाद को अस्वीकृत करने की अनुशसा की थी। इसके बावजूद उन्ही के कप्यूटर से दाखिल खारिज को स्वीकृत करते हुए करेक्शन स्लिप जारी कर दी गई है। अब मामले मे पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। मामले मे जांच की जिम्मेदारी अपर समाहर्ता अंजनी कुमार मिश्र को मिली है। लेकिन, जांच की दिशा भटकाए जाने की आशंका जताते हुए मोइज मंजर ने सचिव को मामले की मॉनीट¨रग करने की मांग की है। क्या है मामला बड़गाई मौजा की एक 18 डिसमिल जमीन की दाखिल खारिज वाद संख्या 1409/आर-27/17-18 पर पीडि़त पक्ष मोइज मंजर की ओर से आपलिा के बाद बड़गाई सीओ ने म्यूटेशन अस्वीकृत करने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद ऑनलाइन ऑर्डर शीट मे छेड़छाड़ कर नामांतरण शुद्धि पत्र (करेक्शन स्लिप) निर्गत कर दिया गया। रिकॉर्ड मे सभी जगह 'अस्वीकृत' लिखे जगहो पर 'स्वीकृत' शब्द की ओवर राइटिंग करते हुए यह गड़बड़ी की गई है। इसमे अंचलाधिकारी बड़गाई विनोद प्रजापति के डिजिटल हस्ताक्षर भी है। 'अब तक की जांच मे सीओ के कंप्यूटर व आइपी एड्रेस से म्यूटेशन किया जाना सामने आया है। गड़बड़ी की जांच जारी है। एनआइसी से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई होगी।' अंजनी कुमार मिश्रा, अपर समाहर्ता, रांची।

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