रांची : झारखंड से तस्करी कर ले जाए गए 44 बाल मजदूरो व 11 युवतियो को दिल्ली से मुक्त करवाया गया। कुल 59 लोगो को गरीब रथ ट्रेन से वापस रांची लाया गया। दिल्ली मे फंसे इन बाल मजदूरो को मुक्त कराने के लिए रांची सीडब्ल्यूसी, झारखंड बाल संरक्षण संस्था और डीसीपीओ गए थे। मुक्त कराए गए मजदूरो 34 बालक, 14 बालिकाएं है, जो 11 युवतियां मुक्त कराई गई है वो 18 वर्ष से ऊपर की है। इनमे चाइबासा के 13, साहेबगंज के 10, खूंटी के 3, गुमला के 3, लोहरदगा के एक, लातेहार के पांच, रांची के 6, सिमडेगा के 3 सहित अन्य जगहो के शामिल है। इनकी गुमशुदगी संबंधित रिपोर्ट झारखंड मे दर्ज है। अधिकांश लोग दिल्ली के कोठी मे फंसे थे। उनसे बाल मजदूरी करवाई जा रहा थी। समाज कल्याण को इसकी सूचना मिलने के बाद उन्हे मुक्त कराने की कारवाई की गई। बाल मजदूरो को मुक्त कराने गई टीम मे झारखंड बाल संरक्षण संस्था की शगुफ्ता बानो शामिल थी। रेलवेस्टेशन पर सीडब्ल्यूसी की मीरा मीश्रा, कौशल किशोर, श्रीकांत कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे। सभी बच्चो को भेजा गया जिलो के सीडब्ल्यूसी मुक्त कराकर लाए गए सभी बाल मजदूरो को पहले सीडब्ल्यूसी मे प्रस्तुत किया गया। इसके बाद सभी को संबंधित जिले के सीडब्ल्यूसी को ट्रांसफर कर दिया गया। वहां रांची के बच्चो को फिलहाल शेल्टर होम मे रखा गया है। जिन्हे काउसिलिंग के बाद पुनर्वास किया जाएगा।

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