रांची, [ सौरभ सुमन]। केटीएम बाइक का इंजन,लेकिन फार्मूला रेसिंग कार का अंदाज। महज 5 सेकेंड में 110 की स्पीड। यह अंदाज है रांची में बने फार्मूला रेसिंग कार का। बीआइटी मेसरा के टीम सृजन ने एक बार फिर रिकार्ड बनाया है। बुलेट के इंजन के बाद इन्होंने अब केटीएम ड्यूक 390 सीसी से फार्मूला रेसिंग कार बनाई है। यह कार अपने आप में खास है। इसका वजन महज 200 किलो से थोड़ा अधिक है। रफ्तार है, साथ में बेहतर रोमांच भी।
- 5 सेकेंड़ में कार पकड़ेगी 110 की स्पीड, निर्माण में 16 लाख रुपये आया खर्च
- जनवरी में होने वाली फॉर्मूला स्टूडेंट इंडिया प्रतियोगिता में टीम होगी शामिल

बीआइटी मेसरा के टीम सृजन के सदस्यों ने इसे डिजाइन किया है। बीआइटी मेसरा के विद्यार्थियों की टीम ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री क्षेत्र में नई दास्‍तां लिख रहे हैं। इटली और भारत में आयोजित स्टूडेंट फॉर्मूला वन प्रतियोगिताओं में अपना डंका बजाने के बाद टीम अपने नए प्रोजेक्ट में जुट गई है। इस बार चुनौती ज्यादा है। टीम सृजन के 12 से भी अधिक सदस्य कार को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। 2018 में होने वाले फार्मूला रेसिंग कार में इसका डिस्पले किया जाएगा। कार बनकर लगभग तैयार। टेस्टिंग जारी है। तकरीबन 16 लाख रुपये का कुल खर्च इस प्रोजेक्ट में आएगा। कोयंबटूर में होने वाली इस प्रतियोगिता में देश विदेश से फार्मूला कार बनाने वाले विद्यार्थी शामिल होंगे। कार की बॉडी को कार्बन फाइबर के जरिए तैयार किया गया है। जिस कारण से इसका वजन काफी कम है। साथ में कार स्टेबल भी रहती है।


इससे पहले बुलेट के इंजन का किया था प्रयोग

2014 में टीम सृजन ने रॉयल इनफिल्ड के 500 सीसी इंजन के साथ कार बनाया था। 500 सीसी के इंजन को मोडिफाइड कर इसे खास तौर से रेसिंग के लिए तैयार किया गया था। इसे एमआइजी वेल्डेड ट्यूबल स्पेस फ्रेम चेसिस तकनीक से बनाया गया है। इससे कार का वजन काफी कम हो गया है। साथ में मजबूती भी काफी मिलती है।


टीम ने कमाया नाम

बीआइटी मेसरा के सृजन टीम का गठन वर्ष 2006 में हुआ। टीम 2007 में यूके में आयोजित फॉर्मूला यूके स्टूडेंट प्रतियोगिता में शामिल हुई। 105 टीमों के बीच बीआइटी की टीम को दूसरा स्थान हासिल हुआ। उसके बाद 2010 में सूपर एसएई इंडिया प्रतियोगिता में टीम शामिल हुई। वहां भी कार की डिजाइन को काफी सराहा गया। 2012 में नोएडा में बुद्ध सर्किट में हुए प्रतियोगिता सुपरा एसएई 2012 प्रतियोगिता में भी टीम ने काफी नाम कमाया। 2013 में इटली में हुए प्रतियोगिता फार्मूला स्टूडेंट में टीम 21वें स्थान पर रही।




टीम सृजन ने हमेशा फार्मूला कार रेसिंग में अलग स्थान हासिल किया है। इस बार भी हमारी कोशिश थी कि हम अलग पहचान बना सकें। बुलेट के इंजन के बाद हमने केटीएम बाइक की इंजन के साथ कार्य शुरू किया। फार्मूला कार तैयार है। 2018 में होने वाली फार्मूला रेसिंग प्रतियोगिता में इस कार के साथ टीम इंट्री लेगी।
मृगेंद्र सिंह, कैप्टन, टीम सृजन, बीआइटी मेसरा


विश्वविद्यालय हर तरह के टैलेंट को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ती है। संस्थान के विद्यार्थियों ने हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। बात चाहे फॉमूला वन कार रेसिंग की हो या फिर आर्किटेक्चर और साफ्टवेयर डवलपमेंट की। आरएंडी विभाग हर नई सोच को आगे लाने का प्रयास करता है। आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में बीआइटी के विद्यार्थियों की भागीदारी और भी ज्यादा होगी।
एमके मिश्रा, कुलपति, बीआइटी मेसरा  

By Lalit Rai