रांची, जेएनएन। झारखंड सरकार ने पहली बार आठवीं बोर्ड लागू करने का निर्णय लिया है। लेकिन यह परीक्षा मैट्रिक या इंटरमीडिएट बोर्ड की तरह नहीं होकर नेशनल एचीवमेंट सर्वे (नैस) की तर्ज पर ली जाएगी।

सभी छात्र-छात्राएं अपने स्कूल में ही यह परीक्षा देंगे। हालांकि प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिकाएं झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। आठवीं में विद्यार्थियों का उस तरह रजिस्ट्रेशन भी नहीं होगा, जिस तरह मैट्रिक व इंटरमीडिएट से पहले होता है।

स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग की सचिव आराधना पटनायक की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। बैठक में तय हुआ कि इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ व लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे।

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