जागरण संवाददाता, रांची। रांची के मोरहाबादी में बुधवार से शुरू हुई सेना की भर्ती रैली में 1794 अभ्यर्थी दौड़ में शामिल हुए। भर्ती निदेशक कर्नल एसएस परहार ने बताया कि पहले दिन हवलदार एजुकेशन पद के लिए दौड़ थी, जिसके लिए कुल 2157 अभ्यर्थी पहुंचे थे। 363 अभ्यर्थी दौड़ से पहले ही बाहर हो गए।

कारण, इनके पास सर्टिफिकेट की कमी थी। दौड़ में चयनित अभ्यर्थियों का मेडिकल हो रहा है। गौरतलब है कि चार व पांच अक्टूबर को हवलदार एजुकेशन पद के लिए रैली है। इसमें बिहार व झारखंड के युवा शामिल हुए हैं। इसके लिए मई में ही रजिस्ट्रेशन हुआ था। पांच माह बीतने के बाद भी कई अभ्यर्थी आधे-अधूरे कागजात के साथ पहुंचे थे।

लिखित परीक्षा 29 को :

मंगलवार को रात एक बजे से ही अभ्यर्थियों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। सुबह पांच बजे से दौड़ शुरू हो गई। हवलदार एजुकेशन पद के लिए जो अभ्यर्थी फिट निकलेंगे उनकी लिखित परीक्षा 29 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर, बिहार में होगी।

अभ्यर्थियों को आधार कार्ड लाना अनिवार्य

बिग्रेडियर ने बताया कि दौड़ के लिए अभ्यर्थियों को आधार कार्ड लाना अनिवार्य है। कहा, युवा देश की हिफाजत के लिए काम करें। दलाल के चक्कर में नहीं पड़ें, अपनी काबिलियत पर भरोसा रखें। इन्होंने कहा कि भर्ती की पूरी प्रक्रिया 180 से 240 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाती है। अभी जो भर्ती हो रही है उसमें चयनित युवाओं को मार्च या जून में ट्रेनिंग के लिए रेजिमेंट सेंटर भेजा जाएगा। हवलदार एजुकेशन को ट्रेनिंग के लिए मध्यप्रदेश के पंचमढ़ी में भेजा जाता है। ब्रिगेडियर ने कहा कि झारखंड में होने वाली रैली से हर वर्ष लगभग 900 युवा सेना में जाते हैं। बीते वर्ष इस संख्या में 46 प्रतिशत जनजाति थे। इन्होंने कहा कि संथाल क्षेत्र के युवाओं की भागीदारी कम होती है, जबकि रांची आसपास के युवा अधिक जुटते हैं।

लेजर प्रिंटर से ही प्रिंट करें प्रवेशपत्र :

प्रवेशपत्र वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.ज्वाइनइंडियनआर्मी.निक.इन डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें। प्रवेशपत्र लेजर प्रिंटर से ही प्रिंट कराएं। उसे लेमिनेट नहीं कराएं। इसमें दिए गए समय, तारीख पर बहाली में पहुंचे। साथ ही सभी आवश्यक कागजात की मूल कॉपी व छायाप्रति लाना जरूरी है।

बायोमिटिक से हर चरण की जांच

दौड़ के पहले बायोमिटिक सिस्टम से अभ्यर्थी के अंगूठे के निशान के प्रिंट के साथ डिजिटल फोटो ली जाती है। इसके साथ ही उनके सभी सर्टिफिकेट भी कंप्यूटर में फीड कर दिए जाते हैं। यह प्रक्रिया भर्ती की अलग-अलग परीक्षाएं शुरू होने के पहले पूरी कर ली जाती है। इसके बाद हर चरण में अभ्यर्थी का वेरिफिकेशन साफ्टवेयर में फीड अंगूठे के निशान व फोटो से किया जाता है। इस प्रक्रिया से वेरिफिकेशन लिखित परीक्षा तक होता है। इसमें कोई छेडछाड़ भी संभव नहीं है। इस डिवाइस का कंट्रोल सिर्फ भर्ती प्रक्रिया की कमान संभाल रहे कर्नल के पास होता है।

आर्मी भर्ती में आए छात्रों ने जमीन पर काटी रात

आर्मी भर्ती में शामिल होने के उद्देश्य से रांची आए छात्रों को मंगलवार की रात मोरहाबादी मैदान की जमीन पर ही काटनी पड़ी। कोई गीली जमीन पर सो गया तो कोई मैदान में स्थित मंच पर। जिला प्रशासन की ओर से छात्रों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई, जबकि एक-डेढ़ माह पूर्व सेना के अधिकारियों ने जिला प्रशासन के साथ बैठक कर छात्रों को उचित सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की थी। बिहार से आए छात्र विक्रम कुमार ने बताया कि रांची रेलवे स्टेशन से मोरहाबादी मैदान पहुंचने में उन्हें ऑटो किराये के रूप में 40 रुपये का भुगतान करना पड़ा। छात्र नकुल कुमार ने बताया कि मैदान के इर्द-गिर्द ठेलों पर उपलब्ध भोजन करना भी काफी महंगा पड़ा। छात्रों के पास जमीन पर सोने के लिए न तो चादर उपलब्ध है और न ही प्लास्टिक। मैदान में जगह-जगह पर जलजमाव है। प्लास्टिक बेचने वाले ने भी ऊंची कीमत पर प्लास्टिक दी।

जिलावार रैली की तिथि

सैनिक सामान्य व टेडमैन तिथि जिला

-6 अक्टूबर खूंटी, कोडरमा, गिरीडीह व जामाताड़ा

-7 अक्टूबर धनबाद व बोकारो

-8 अक्टूबर गढ़वा, लातेहार, साहेबगंज, सिमडेगा और प. सिंहभूम

-9 अक्टूबर हजारीबाग, लोहरदगा व पू. सिंहभूम

-10 अक्टूबर रांची

-11 अक्टूबर पलामू व देवघर

-12 अक्टूबर चतरा, पाकुड़, सरायकेला, रामगढ़ व गोड्डा

-14 अक्टूबर दुमका, गुमला

सैनिक लिपिक/स्टोर कीपर व सैनिक तकनीकी

13 अक्टूबर  झारखंड के सभी 24 जिले, नर्सिंग सहायक

14 अक्टूबर  झारखंड के सभी 24 जिलेसैनिक सामान्य व टेडमैन

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