रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। राज्य कैबिनेट ने कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग को झारखंड आकस्मिकता फंड से 100 करोड़ रुपये लेने की अनुमति प्रदान की है। साथ ही उग्रवाद प्रभावित छह जिलों क्रमश: रांची, खूंटी, सिमडेगा, रामगढ़, दुमका और गिरिडीह में कौशल विकास योजना के तहत केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। इसमें प्रशासनिक भवन के अलावा 100 बेड का हॉस्टल भी होगा। इसकी लागत 34.42 करोड़ रुपये होगी। राज्य का हिस्सा 13.77 करोड़ होगा और शेष राशि केंद्र से मिलेगी।

इस निर्णय से उग्रवाद प्रभावित जिलों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में कुल 15 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हुई बैठक में 104 करोड़ की लागत से छह ग्रामीण जलापूर्ति योजना को स्वीकृति भी दी गई। सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए पूर्व में निर्धारित 30 करोड़ के फंड को बढ़ाकर 100 करोड़ कर दिया है और इसे आकस्मिकता निधि से प्राप्त करने का निर्देश दिया है।

कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम के लिए एम्स एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली के द्वारा टेस्टिंग किट, इलाज के लिए सामग्री एवं दवा की आपूॢत हेतु चयनित कंपनियों से सीधे खरीदारी की अनुमति दी गई। इसके अलावा भारत सरकार के निर्देश पर एमआरपी पर अन्य राज्यों के आपूर्तिकर्ता एजेंसियों से खरीदारी के लिए भी नियमों में ढील दी गई है।

कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले

  • पंचम झारखंड विधानसभा का द्वितीय (बजट) सत्र के सत्रावसान की स्वीकृति दी गई।
  • ई कोर्ट प्रोजेक्ट के तहत राज्य के जिला न्यायालयों एवं झारखंड उच्च न्यायालय में कार्यरत सिस्टम ऑफिसर को एक साल के लिए अवधि विस्तार।
  • राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला, नामकुम, रांची में अनुबंध के आधार पर कार्यरत खाद्य विश्लेषक चतुर्भुज मीणा का अनुबंध अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।
  • पलामू जिला अंतर्गत अंचल सदर मेदनीनगर के ग्राम-पोखराहा खुर्द में कुल 10 एकड़ गैरमजरूआ भूमि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन को मुफ्त देने का निर्णय।
  • 29 जलछाजन परियोजनाओं को 2 वर्ष की अवधि विस्तार दी गई।
  • विधायक योजना अंतर्गत कोविड-19 के दौरान परिवारों को आॢथक सहायता के लिए प्रावधान को घटनोत्तर स्वीकृति।
  • विधायक योजना अंतर्गत विपत्र लंबित होने के बावजूद 25 लाख रुपये की निकासी पर घटनोत्तर स्वीकृति।
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के लाभुकों को अप्रैल से जून 2020 तक की अवधि के लिए 5 किलोग्राम खाद्यान्न (चावल) प्रति लाभुक प्रतिमाह मुफ्त वितरित करने के लिए 84.95 करोड़ रुपए की स्वीकृति।
  • झारखंड राज्य जलछाजन मिशन के तहत 29 जलछाजन परियोजनाओं के लिए 229.23 करोड़ रुपये ऋण लेने की स्वीकृति।
  • वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट और झारखंड इकोनॉमिक सर्वे को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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