रांची, [दिलीप कुमार]। राज्य के विभिन्न थानों में जब्त अवैध हथियारों को नष्ट करने में जिले रूचि नहीं ले रहे हैं। अवैध हथियारों को नष्ट करना तो दूर, उसकी सूची भी देने में जिले गंभीर नहीं हैं। हाई कोर्ट के आदेश पर मार्च 2019 में गठित राज्य आग्नेयास्त्र ब्यूरो को सात माह बाद भी राज्य के 15 जिलों ने अवैध हथियारों की सूची नहीं दी। सिर्फ दो रेल जिला सहित 11 जिलों के अवैध हथियारों का ब्योरा ही राज्य आग्नेयास्त्र ब्यूरो तक पहुंचा।

जिला आग्नेयास्त्र ब्यूरो से हथियारों की सूची नहीं मिलने से राज्य आग्नेयास्त्र ब्यूरो हथियारों को नष्ट करने की प्रक्रिया पूरा नहीं कर पा रहा है। सीआइडी मुख्यालय में संचालित राज्य आग्नेयास्त्र ब्यूरो में नष्ट के लिए जाने वाली हथियारों पर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में एक नंबर की खुदाई होगी। फोटोग्राफी के बाद उक्त हथियार को एचइसी या बोकारो स्टील प्लांट में भेजा जाएगा, जहां उसे फर्नेस ब्लास्ट में गलाकर नष्ट किया जाएगा।

गत वर्ष जब्त हथियारों के दुरुपयोग का मामला सामने आया था। हाई कोर्ट में एक अपील की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जस्टिस केपी देव ने इसे पकड़ा था। इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर ही अवैध हथियारों के निष्पादन के लिए मार्च 2019 में राज्य आग्नेयास्त्र ब्यूरो की स्थापना की गई थी। सीआइडी के आइजी संगठित अपराध रंजीत प्रसाद ब्यूरो के अध्यक्ष हैं।

किस जिले से कितने अवैध हथियारों की सूची भेजी गई

जमशेदपुर (81), देवघर (08), गिरिडीह (31), रेल जमशेदपुर (40), गढ़वा (01), जामताड़ा (33), साहिबगंज (16), रेल धनबाद (40), गुमला (06), बोकारो (12) व चाईबासा (19)।

यहां से अब तक नहीं भेजी गई सूची

रांची, खूंटी, सिमडेगा, लोहरदगा, सरायकेला, पलामू, लातेहार, हजारीबाग, धनबाद, रामगढ़, चतरा, गोडडा, पाकुड़, दुमका व कोडरमा।

हथियार नष्ट करने का क्या है प्रावधान

  • जिला आग्नेयास्त्र ब्यूरो अवैध हथियारों का प्रस्ताव सीआइडी में संचालित राज्य आग्नेयास्त्र ब्यूरो को भेजेगा।
  • प्रस्ताव को लेकर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी व पदाधिकारी राज्य आग्नेयास्त्र ब्यूरो जाएंगे।
  • इसके बाद उक्त अवैध हथियार पर राज्य आग्नेयास्त्र ब्यूरो को खुदाई कर एक मार्का देगा। फोटोग्राफी होगी और उससे संबंधित कागजात तैयार किया जाएगा।
  • इसके बाद उक्त हथियार को मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में राज्य फायर आर्म ब्यूरो एचइसी या बोकारो स्टील प्लांट को भेजेगा, जहां उसे फर्नेस ब्लास्ट में डालकर गलाया जाएगा।
  • ये कारखाने दंडाधिकारी के सामने उक्त हथियार को नष्ट करेंगे और इसका प्रमाणपत्र भी देंगे।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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