कम उम्र में बढ़ रही दांतों की समस्या, टाटा मेन हॉस्पिटल की डॉक्टर ने दिए बचाव के सुझाव
विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस पर डॉ. सुकन्या थोराट ने कम उम्र में बढ़ती दांतों की समस्याओं पर चिंता जताई। उन्होंने ...और पढ़ें

दांतो में बढ़ रही समस्याएं। (फाइल फोटो)
HighLights
कम उम्र के युवाओं में तेजी से बढ़ रही दांतों की समस्या।
खराब मौखिक स्वच्छता और अस्वस्थ जीवनशैली मुख्य कारण।
नियमित जांच और बचाव ही सबसे कारगर उपाय।
संवाद सूत्र, वेस्ट बोकारो (रामगढ़)। विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस (20 मार्च) के अवसर पर टाटा मेन हॉस्पिटल, वेस्ट बोकारो की दंत विशेषज्ञ डॉ. सुकन्या थोराट ने दांतों से जुड़ी बढ़ती समस्याओं पर चिंता जताई है।
उन्होंने कहा कि पहले जहां दांतों की समस्या अधिक उम्र के लोगों तक सीमित मानी जाती थी, वहीं अब कम उम्र के युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं।
डॉ. थोराट के अनुसार, वर्तमान समय में 30 से 40 वर्ष से कम उम्र के लोग भी दांतों के टूटने, कैविटी और अन्य दंत समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इसके पीछे खराब मौखिक स्वच्छता, अधिक चीनी का सेवन, जंक फूड, मीठे पेय, तंबाकू व गुटखा का उपयोग और अस्वस्थ जीवनशैली प्रमुख कारण हैं।
3.7 अरब लोग मुंह से जुड़ी बीमारियों से प्रभावित
उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में करीब 3.7 अरब लोग मुंह से जुड़ी बीमारियों से प्रभावित हैं, जिनमें अधिकांश मामलों को समय रहते रोका जा सकता है।

दंत विशेषज्ञ डॉ. सुकन्या थोराट।
इसके बावजूद लोग मुंह से बदबू आना या मसूड़ों से खून निकलना जैसे शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या गंभीर रूप ले लेती है।
दो बार करें ब्रश
डॉ. थोराट ने सलाह दी कि दांतों की देखभाल के लिए दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करना, नियमित रूप से फ्लास करना और जरूरत पड़ने पर एंटीबैक्टीरियल माउथवाश का उपयोग करना जरूरी है। साथ ही आधुनिक उपकरण जैसे वाटर फ्लासर भी दांतों की सफाई में सहायक साबित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी बेहद आवश्यक है। अधिक चीनी, तंबाकू और शराब से दूरी बनाकर तथा नियमित रूप से हर छह महीने में दंत जांच कराकर दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
टाटा स्टील द्वारा जनस्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहलें की जा रही हैं। टाटा मेन हॉस्पिटल, वेस्ट बोकारो में उन्नत दंत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही कंपनी द्वारा समय-समय पर दंत शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और मोबाइल चिकित्सा सेवाएं भी संचालित की जाती हैं, जिससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में भी लोगों को लाभ मिल रहा है।
अंत में डॉ. सुकन्या थोराट ने कहा, “इलाज से बेहतर और आसान हमेशा बचाव होता है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर “स्वस्थ मुंह, खुशहाल जीवन” का संदेश अपनाएं और नियमित रूप से मौखिक स्वच्छता का ध्यान रखें।
