रामगढ़ : संस्कृत भारती के जिला संयोजक डॉ. सुनील कुमार कश्यप ने कहा कि संस्कृत का भविष्य उज्जवल है। संस्कृत भाषा ही एक ऐसी भाषा हैं जो विश्व को एकसूत्र में बांधती है। संस्कृत के कारण ही भारत विश्व गुरु रहा है। डॉ. सुनील बुधवार को रजरप्पा प्रोजेक्ट स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित संस्कृत कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व छात्र-छात्राओं ने मुख्य अतिथि जिला संयोजक, प्रधानाध्यापक महेंद्र कुमार ¨सह का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया। कार्यशाला को प्रधानाध्यापक ने संबोधित करते हुए पहले विषय प्रवेश कराया। साथ ही संस्कृत की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ. सुनील ने बच्चों को संस्कृत के प्रति प्रेम रखने और बेहिचक होकर इसका प्रयोग करने को प्रेरित किया। साथ ही कहा कि संस्कृत में ज्ञान का अकूत भंडार है। इसे जानने के लिए अध्ययन, अध्यापन की अत्यंत जरूरत है। कहा कि संस्कृत का संस्कृति से नाता जय जननी, जय भारत माता के जैसा है। कहा कि बिना संस्कृत की मां भारती की जय नहीं। इधर कार्यशाला में भाग लेने वाले पंद्रह छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि ने संस्कृत प्रमाण पत्र देकर हौसला बढ़ाया। इस दौरान अनिशा, प्रियांशी, खुशी तनिशा, श्वेता, दीपा, शीतल, प्रियंका, रीना, वर्षा, मुस्कान आदि को प्रमाण पत्र दिया गया। मौके पर परमांनद चौधरी, उमेशचंद्र महथा, मिथिलेश ¨सह, रामनरेश ¨सह, दीपक श्रीवास्तव, रंजीत कुमार आदि मौजूद थे।

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