जागरण संवाददाता, रामगढ़ : डीसी कार्यालय व सदर अस्पताल में कर्मियों में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। पिछले 12 घंटे के अंदर जिले के अंदर कोरोना के कुल 14 नए केस आए हैं। शुक्रवार को आए रिपोर्ट में सदर अस्पताल की एक महिला चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट व एक कर्मी में कोरोना पॉजिटीव मिले हैं। वहीं शहर के पारसोतिया मुहल्ले में एक महिला, बच्चा सहित तीन लोग संक्रमित हुए हैं। इसके अलावा पतरातू प्रखंड के चार लोग अन्य संक्रमित हुए हैं। कोरोना से ठीक हुए 7 मरीजों को भेजा गया घर। उपायुक्त संदीप सिंह ने ट्विटर के माध्यम से जानकारी दी है कि सदर अस्पताल रामगढ़ में एक डॉक्टर सहित चार कर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए 13 जुलाई तक सदर अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई है। अस्पताल में किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इमरजेंसी सेवा के लिए दि होप हॉस्पिटल रांची रोड में इलाज की सुविधा दी गई है। इधर एक डाककर्मी के संक्रमित होने के बाद रामगढ़ प्रधान डाकघर को भी तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। उपायुक्त कार्यालय में भी आम लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। निबंधन कार्यालय व न्याययिक कार्य को भी बंद कर दिया गया है। समाहरणालय, सदर अस्पताल व डाक विभाग के कर्मी के संक्रमित होने के बाद एक-एक अधिकारी व कर्मचारियों का कोविड जांच कराई जा रही है। उपायुक्त व डीडीसी की जांच की गई है। अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की भी जांच की जा रही है। वहीं नगर परिषद क्षेत्र के मुर्रामकला स्थित पंचवटी अपार्टमेंट में रहने वाले विधायक मथुरा महतो के बेटी व दामाद की भी कोविड जांच कराई गई है। बताया गया कि कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि होने के पहले झामुमो विधायक मथुरा महतो अपने बेटी-दामाद से मिलने यहां आए थे। दूसरी ओर कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं के पहले समाहरणालय में संक्रमित हुए तीनों अपने कार्यालय में काम करते रहे। इसमें से डीडीसी कार्यालय में कार्यरत एक कर्मी मांडू से एक मिनी बस में एक दर्जन अन्य कर्मियों के साथ आना-जाना करते रहे। इससे संभावना जताई जा रही है कि समाहरणालय में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। सदर अस्पताल में शुक्रवार को मिले महिला चिकित्सक व तीन कर्मी का कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं मिली है। सदर अस्पताल में गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करने वाली लेडी डॉक्टर प्रतिदिन रांची से रामगढ़ आना जाना करतीं हैं। दोनों फार्मासिस्ट व कर्मी भी बाहर से आना-जाना करते हैं। इससे संभावना व्यक्त की जा रही है सदर अस्पताल व समाहरणालय के कर्मियों में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इधर कोविड-19 जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद शुक्रवार को जिले के ठीक हुए सात संक्रमित लोगों को स्पेशल कोविड हॉस्पिटल नईसराय से उनके घर भेजा गया। ठीक हुए सभी सातों मरीज पतरातू प्रखंड से है।

Posted By: Jagran

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