संवाद सूत्र, भुरकुंडा (रामगढ़) : रैयत विस्थापित संघर्ष मोर्चा हेंदेगीर का एक प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को

बरका-सयाल प्रक्षेत्र के महाप्रबंधक अमरेश सिंह से मिल ज्ञापन सौंपा है। सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम छापर थाना बुढमु के अंतर्गत हेंदेगीर कोलियरी विगत 1964 मे प्राइवेट कंपनी के द्वारा भूमिगत खदान का संचालन किया जा रहा था। वर्ष 1973 में राष्ट्रीयकरण होने के बाद छापर मे हेंदेगीर कोलियरी के विस्तारीकरण को ले 1981-82 व 1994-95 में खुली खदान के नाम पर कई चरणों में सीसीएल ने एलए एक्ट व सीबी एक्ट के तहत स्थानीय रैयतों की भूमि अधिग्रहण की थी। लेकिन रैयतो को नौकरी नहीं मिली है। सीसीएल द्वारा वर्ष 2000-01 लॉ एडं ऑर्डर सेफ्टी ऑफ व्यू का हवाला देकर सभी भूमिगत खदान को बंद कर दिया गया है। रैयतो द्वारा अधिग्रहित जमीन सरकारी अधिघोषणा 29 मार्च 1993 संख्या डीएलए रांची सीसीएल 193-443 बिहार राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि छापर के सार्वजनिक प्रयोजनार्थ केंद्रीय कोयला क्षेत्र लिमिटेड सीसीएल के हेंदेगीर ओपेन कास्ट परियोजना 105 एकड़ व 60.75 एकड़ कुल 165.75 एकड के बराबर भूमि अपेक्षित था। हेंदेगीर कोलियरी के रैयतो ने सर्वसम्मति से ग्रामसभा के माध्यम से पारित किया है कि 165.75 एकड़ जमीन के एवज में पैकेज डील के तहत नौकरी दी जाए। साथ ही जल्द खुली खदान खोलने को ले पहल की जाए। ज्ञापन में मोर्चा के अध्यक्ष चमरू लोहरा, ग्राम प्रधान भीम मुंडा, मुखिया जीरवा देवी, सीमा देवी, छोटे लाल करमाली, चरकु मुंडा, जगदेव हांसदा, शिवलाल मरांडी, राजन मुंडा का हस्ताक्षर अंकित है।

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