पुनर्वास व मुआवजा की मांग को लेकर ग्रामीणों ने की बैठक

संवाद सूत्र, भुरकुंडा (रामगढ़) : रैयत विस्थापित खतियानी किसान मोर्चा के तत्वावधान में गुरूवार को उरीमारी पोटंगा में क्षेत्र के विस्थापित व ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में बिरसा परियोजना प्रबंधन से पोटंगा, भुरकुंडवा, रसका टोला, करमाली टोला के रैयत विस्थापितों व ग्रामीणों को बकाया जमीन के बदले नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास की मांग की गई। साथ ही 18 वर्ष से उपर के लड़कों को 20 डिसमील जमीन देने की बात कही गई। कहा गया कि ढलाई घर का मुआवजा 4 हजार रूपये, ईंट सीटा घर का 3 हजार व कच्चा खपड़ैल घर 2 हजार रूपये स्कावयर फीट के दर से मुआवजा दिया जाए। जिन रैयतों को पुनर्वास स्थल में 20 डिसमील जमीन नहीं लेना है और वे सीसीएल के जमीन से बाहर जाना चाहते हैं उन्हें 10 लाख रूपये का भुगतान किया जाए। साथ ही पुनर्वास स्थल पर बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, क्लब, मैरेज हाल खेल का मैदान आदि की भी व्यवस्था करने की मांग की गई। कहा गया कि पुनर्वास स्थल को विस्थापितों ने चिन्हित कर लिया है। सीसीएल प्रबंधन भी जल्दी चिन्हित कर मुआवजा व पुनर्वास दे। जब तक पुनर्वास स्थल पर विस्थापित सिफ्ट नहीं हो जाते हैं तब तक हैवी ब्लास्टिंग नहीं किया जाए। कहा गया कि सीसीएल प्रबंधन अविलंब इन मांगों को पूरा करे अन्यथा मोर्चा आंदोलन के लिए बाध्य होगा। मौके पर मोर्चा के अध्यक्ष विश्वनाथ मांझी, झन्ना राम सोरेन, साहेब राम बेसरा, धर्मदेव करमाली, राजकुमार हेम्ब्रम, विनोद हेम्ब्रम, दिलीप बेसरा, झरी करमाली, रीना देवी, शकुंतला देवी, मोती लाल मांझी सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।

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