एजेंसी फेल तो रामगढ़ नगर परिषद ने संभाली कमान, 32 वार्डों में अब डोर-टू-डोर खुद उठाएगी कचरा
नगर परिषद रामगढ़ ने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का जिम्मा अब खुद संभाल लिया है, क्योंकि पूर्व की एजेंसी का प्रदर्शन ...और पढ़ें

रामगढ़ नगर निगम की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
नगर परिषद ने अब खुद संभाली डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की कमान।
फेल हुई एजेंसी से काम वापस लिया, प्रदर्शन असंतोषजनक पाया गया।
संवाद सहयाेगी, रामगढ़। रामगढ़ में डोर टू डोर कचड़़ा कलेक्शन की जवाबदेही संभाल रही एजेंसी से नगर परिषद भी कचड़ा का उठाव नहीं करवाएगी। छावनी परिषद की तरह ही कचड़ा उठाने का जिम्मा अब नगर परिषद ने ही संभाल लिया है। इसके लिए एक सितंबर की तिथि निर्धारित की गई थी।
हालांकि संसाधनों की कमी के कारण नगर परिषद की ओर से डोर टू डोर कचड़ा कलेक्शन का कार्य शुरू नहीं हो पाया। इधर नगर परिषद ने डोर टू डोर कचड़ा कलेक्शन के लिए संबंधित एजेंसी को ट्रैक्टर आदि उपलब्ध कराए थे। जिसकी मांग नगर परिषद ने संबंधित एजेंसी से की थी। हालांकि एजेंसी ने कुछ गाड़ियां लौटाई हैं, जो खस्ता हालत में है।
शनिवार को ही नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मो. अजमल हुसैन डंपिंग यार्ड भी गए थे यहां उन्होंने कचड़ा निस्तारण की प्रगति आदि की जानकारी ली। बताया जाता है कि एजेंसी की ओर से कचड़ा निस्तारण की प्रगति संतोष जनक नहीं है। संबंधित संयंत्र आदि भी एजेंसी की ओर अधिष्ठापित नहीं किया गया है।
इससे पूर्व छावनी परिषद क्षेत्र में भी डोर टू डोर कचड़ा कलेकशन का कार्य बंद होने के बाद कैंटोन्मेंट के सीईओ ने भी एजेंसी से काम लेकर खुद ही डोर-टू डोर कचड़ा क्लेकशन का काम शुरू करवाया है। जिससे शहरी क्षेत्र में कचड़ा उठाव की व्यवस्था दुरुस्त हुई।
गत दिनों छावनी परिषद कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान उपायुक्त ऋतुराज ने एजेंसी संचालक को कड़ी फटकार लगाई थी। साथ ही कचड़ा निष्तारण के कार्य में प्रगति लाने का निर्देश दिया था। उल्लेखनीय है कि सरकार 670 करोड़ रुपये में आगामी 20 वर्षों तक कचड़ा कलेक्शन व इसके निष्तारण की जवाबदेही दे रखी है।
इस संबंध में नगर परिषद के उपाध्यक्ष रणधीर गुप्ता ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में कचड़ा उठाव की स्थिति बेहद चिंताजनक है। जगह-जगह कचड़ों का अंबार पड़ा है। बारिश के इस मौसम में कचड़े से निकलने वाली बदबू से लोगों को का आसपास गुजरना या रहना मुश्किल है।
इसी को ध्यान में रखकर नगर परिषद ने अब खुद ही 32 वार्ड में कचड़ा उठाव का जिम्मा उठाया है। तााकि नगर परिषद क्षेत्र कचड़ा उठाव की स्थिति सुदृढ़ हो सके।
