‘ऊपरी हवा’ समझकर कराते रहे झाड़-फूंक, रामगढ़ में मलेरिया-टाइफाइड से दो सगे भाइयों की मौत; मां गंभीर
रामगढ़ के सुद्दी पारगढ़ा गांव में मलेरिया और टाइफाइड के प्रकोप से एक ही परिवार के दो सगे भाइयों की ...और पढ़ें

मलेरिया-टाइफाइड से रामगढ़ में दो भाइयों की मौत।
संवाद सूत्र, भुरकुंडा (रामगढ़)। भदानीनगर ओपी क्षेत्र के पाली पंचायत स्थित सुद्दी पारगढ़ा गांव में मलेरिया और टाइफाइड के प्रकोप से एक ही परिवार के दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि उनकी मां की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। इस हृदयविदारक घटना से पूरे ग्रामीण इलाके में शोक और मातम का माहौल है।
मृतकों की पहचान शंकर बेदिया के पुत्र रामकिशुन बेदिया (15 वर्ष) और साहिल बेदिया (12 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं उनकी मां संगीता देवी का इलाज रांची स्थित रिम्स में चल रहा है, जहां वे जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रही हैं। दुखद पहलू यह रहा कि गंभीर स्थिति के कारण मां अपने दोनों बेटों के अंतिम दर्शन भी नहीं कर सकीं।
झाड़-फूंक के अंधविश्वास ने छीनीं दो जिंदगियां
बताया जाता है कि पिछले 4-5 दिनों से रामकिशुन, साहिल और उनकी मां संगीता देवी बीमार चल रहे थे। परिजनों का मानना था कि जंगलों व पहाड़ों में खुखड़ी (मशरूम) चुनने के दौरान उन्हें 'ऊपरी हवा' (अंधविश्वास) लग गई है। इस वजह से दो दिनों तक परिजनों ने डॉक्टरों के पास जाने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लिया।
जब तबीयत अत्यधिक बिगड़ गई, तब परिजनों ने निजी चिकित्सक से संपर्क किया। पैथोलॉजी जांच में तीनों में मलेरिया और टाइफाइड के लक्षण पाए गए। दवाइयां शुरू की गईं, लेकिन बुधवार शाम तीनों की हालत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम
स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को तुरंत भुरकुंडा स्थित एक निजी क्लिनिक ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बड़े बेटे रामकिशुन (15) को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गंभीर रूप से पीड़ित छोटे बेटे साहिल और मां संगीता देवी को तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में साहिल ने भी दम तोड़ दिया।
मां की स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत रांची रिम्स रेफर कर दिया गया। मृतक बच्चों के पिता शंकर बेदिया, जो उड़ीसा में मजदूरी करते हैं, बुधवार को ही घर लौटे थे। घर पहुंचते ही दो बेटों की मौत और पत्नी की गंभीर हालत देखकर वे बदहवास हो गए। बड़ी बहन बेबी कुमारी अपने दोनों भाइयों को खोने के बाद गहरे सदमे में है।
गुरुवार को सुद्दी के श्मशान घाट पर दोनों भाइयों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीण नम आंखों से शामिल हुए। बताते चले कि मृतक रामकिशुन बेदिया कक्ष नौ व साहिल बेदिया पांचवी कक्षा का छात्र था। दोनों छात्रों के आकस्मिक निधन से उत्क्रमित उच्च विद्यालय लपंगा में शोक सभा का आयोजन हुआ। जिसमें बच्चों के साथ सभी शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मियों ने हिस्सा लिया।
हरकत में आया प्रशासन: गांव में लगा कैंप, पानी का सैंपल भी लिया
घटना की सूचना मिलते ही पतरातू प्रखंड का स्वास्थ्य महकमा और प्रशासनिक अमला अचानक सक्रिय हो गया। आनन-फानन में चिकित्सा टीम सुद्दी पारगढ़ा पहुंची और मलेरिया जांच शिविर लगाया, जहां दर्जनों ग्रामीणों के रक्त के नमूने लिए गए।
वहीं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की टीम ने गांव के चापाकलों से पानी के सैंपल एकत्र किए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जल स्रोत में कोई गंभीर संक्रमण तो नहीं है।
पीड़ित परिवार से मिले बीडीओ
पतरातू बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सरकारी प्रावधानों के तहत त्वरित मुआवजा व हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व पीएचईडी विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बरसात में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बीमारी को हल्के में लेने के बजाय सीधे स्वास्थ्य केंद्र जाकर उचित इलाज कराए।
