गिद्दी (रामगढ़) : झारखंड मुक्ति मोर्चा डाड़ी प्रखंड के बैनर तले सतकड़ियां के रैयतों ने बुधवार की सुबह से गिद्दी सी परियोजना का उत्पादन अनिश्चित काल के लिए ठप किया। इस दौरान गिद्दी परियोजना के कोयला डीपों समीप हॉलरोड को जाम कर प्रबंधन विरोधी नारेबाजी की। बाद में अरगडा महाप्रबंधक कार्यालय में क्षेत्रीय प्रबंधन के साथ आंदोलनकारियों के बीच वार्ता हुई। इसमें देर शाम मांडू विधायक जयप्रकाश भाई पटेल व रामगढ़ जिलाध्यक्ष विनोद किस्कू की उपस्थित में वार्ता होने की बात कही। इस बीच आंदोलनकारियों का आंदोलन जारी था। उधर, गिद्दी सी परियोजना का उत्पादन ठप होने से सीसीएल को लाखों का नुकसान होने की बात कही जा रही है।

झामुमो के केंद्रीय सदस्य राकेश ¨सह उर्फ कबलु, लखन लाल महतो व राजेश टुडू ने बताया कि गिद्दी सी परियोजना के खदान को विस्तार करने के दौरान सतकड़िया के रैयतों का करीब 300 एकड़ जमीन ली थी। इसके बदले में प्रबंधन ने 20 रैयतों को ही मात्र नौकरी दी है। जबकि 70 से अधिक नौकरी बाकि है। नेताद्धय ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के दौरान 2012 में सीसीएल प्रबंधन ने एक समझौता किया था। परंतु प्रबंधन उस समझौता पर कार्य नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि जब भी रैयत नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास को लेकर आंदोलन किया तो केवल झूठा आश्वासन ही मिला है। प्रबंधन धीरे-धीरे रैयतों के पूरे जमीन पर उत्पादन करते जा रही है और रैयतों का नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास अधर में लटका पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन जब तक रैयतों के नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं करती है तबतक परियोजना का चक्का जाम जारी रहेगा। उत्पादन ठप कराने वालों में झामुमो केंद्रीय सदस्य राकेश ¨सह उर्फ कबलु, लखन लाल महतो, राजेश टुडू, राजेश बेदिया, प्रितलाल महतो, सुजीत महतो, सेवालाल महतो, शिवजी बेसरा, कालीदास मांझी, राजेश्वर महतो, मुकेश्वर महतो, हीरालाल महतो, विनोद सोरेन, भुनेश्वर बेदिया, अरूण लाल, मुखलाल बेदिया, तापेश्वर बेसरा, राजू बेसरा, राजा मरांडी, शिवकुमार बेसरा, गोमी लाल बेसरा, महादेव सोरेन, संदीप हासंदा, दिनेश सोरेन, बहाराम सोरेन, दीपक सोरेन, चंदु मरांडी, दुर्गा मांझी, अनिल हेम्ब्रम, चरकु मांझी, लालजी मांझी, नरेश टुडू, मुनीलाल सोरेन, चुनुराम मांझी, प्रदीप सोरेन, कृष्णा मरांडी, दिलीप सोरेन, श्रवण ¨सह, कुदन आदि शामिल हैं।

Posted By: Jagran