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25 सितंबर को पूरे देश में एक साथ होगा 'वंदे मातरम्' का गायन, रामगढ़ में स्कूल से लेकर रेलवे स्टेशन तक तैयारी

Published: Sun, 20 Sep 2026 12:42 PM (IST)

विद्या भारती 25 सितंबर को 'वंदे मातरम्' की रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में सामूहिक गायन का ...और पढ़ें

वंदे मातरम। फाइल फोटो

वंदे मातरम। फाइल फोटो

HighLights

  1. 25 सितंबर को देशभर में सामूहिक 'वंदे मातरम्' गायन।

  2. विद्या भारती द्वारा 'नमामि भारतम' कार्यक्रम का आयोजन।

  3. रामगढ़ के रजरप्पा में विद्यालयों में अभ्यास जारी।

संवाद सूत्र, रजरप्पा (रामगढ़)। वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाली भारत की सबसे बड़ी संस्था विद्या भारती ने आगामी 25 सितंबर को पूरे देश में एक ही समय 11 बजे दिन में वंदे मातरम गायन की व्यवस्था की है।

आयोजित ‘नमामि भारतम’ के तहत देशभर के विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों सहित चयनित स्थानों पर निर्धारित समय में एक समय, एक लय और एक स्वर में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया जाएगा।

इसी क्रम में सरस्वती विद्या मंदिर रजरप्पा द्वारा आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों में वंदे मातरम् के सामूहिक गायन को लेकर जागरूकता एवं अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

वहीं, विद्यालय परिसर में भी कार्यक्रम की सफलता के लिए भैया-बहनों एवं आचार्यों द्वारा नियमित रूप से सामूहिक पूर्वाभ्यास किया जा रहा है।

मौके पर विद्यालय के सचिव चंद्रशेखर चौधरी ने कहा कि नमामि भारतम’ देशभर में एक साथ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभावना को अभिव्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

वंदे मातरम् भारतीय जनमानस में मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और सम्मान की भावना का प्रतीक रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर अधिक से अधिक विद्यालयों एवं लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

वहीं, विद्यालय के प्राचार्य उमेश प्रसाद ने कहा कि “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभावना का प्रतीक है। इसके 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में एक साथ इसका सामूहिक गायन राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

‘नमामि भारतम’ जैसे आयोजन भैया-बहनों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन तथा अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यालय की ओर से क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में सामूहिक गायन को लेकर जागरूकता एवं आवश्यक तैयारी कराई जा रही है, ताकि 25 सितंबर को निर्धारित समय पर सभी सहभागी एक साथ, एक लय और एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ का गायन कर इस ऐतिहासिक अवसर के सहभागी बन सकें।

25 सितंबर को सुबह 11 बजे देशभर के विद्यालयों एवं चयनित स्थलों पर सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। सरस्वती विद्या मंदिर, रजरप्पा प्रोजेक्ट भी इस राष्ट्रव्यापी आयोजन में सक्रिय सहभागिता करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारियों में जुटा है।

इस अभियान में मिथिलेश कुमार खन्ना, शम्मी राज, अमरदीप, शशि कान्त, दिलीप सिंह, बच्चूलाल तिवारी, रोहित राज, चितरंजन लाल खन्ना, अनिल त्रिपाठी, विदेश सिंह एवं दुर्गा प्रसाद सहित अन्य आचार्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

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