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मां दुर्गा के प्रति ऐसी आस्था, यहां 2052 तक डाक चढ़ाने की बारी बुक; सालों पहले तय होता है भक्तों का नंबर

Published: Fri, 11 Sep 2026 12:59 PM (IST)

मांडूचट्टी की सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति में मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था दिख रही है। यहां डाक ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. मांडूचट्टी दुर्गा पूजा में भक्तों की गहरी आस्था।

  2. डाक चढ़ाने के लिए 2052 तक नाम दर्ज।

  3. प्रतिमा निर्माण के लिए 2039 तक बुकिंग।

संजय मंडल, मांडू (रामगढ़)। मांडूचट्टी की सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति में मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और आस्था का अनूठा उदाहरण देखने को मिल रहा है। यहां मां दुर्गा की प्रतिमा में डाक चढ़ाने और प्रतिमा निर्माण कराने के लिए श्रद्धालुओं में वर्षों पहले से ही नाम दर्ज कराने की होड़ रहती है।

यही कारण है कि समिति के यहां प्रतिमा निर्माण के लिए वर्ष 2039 तक तथा प्रतिमा में डाक चढ़ाने के लिए वर्ष 2052 तक श्रद्धालुओं के नाम दर्ज हो चुके हैं। दूर-दूर तक फैली यह आस्था क्षेत्र में दुर्गापूजा की लोकप्रियता को दर्शाती है। समिति की ओर से प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की प्रतिमा में डाक चढ़ाने का अवसर दिया जाता है। इसके लिए श्रद्धालु पहले से अपना नाम दर्ज कराते हैं।

वर्ष 2026 के लिए रविंद्र कुमार गुप्ता, 2027 में राकेश कुमार (राजेश), 2028 में जवाहर साव, 2029 में अमरेंद्र कुमार गुप्ता, 2030 में प्रदीप कुमार, 2031 में नेहरू लाल, 2032 में राकेश कुमार (राजेश), 2033 में उमेश कुमार गुप्ता, 2034 में विजय किशोर प्रसाद, 2035 में रविंद्र कुमार गुप्ता, 2036 में जयमंगल गुप्ता, 2037 में राकेश कुमार (राजेश), 2038 में प्रदीप कुमार मोदी और 2039 में दीनबंधु गुप्ता का नाम दर्ज है।

इसी क्रम में 2040 में अमरेंद्र कुमार गुप्ता, 2041 में नेहरू लाल, 2042 में भोला प्रसाद, 2043 में अभय कुमार गुप्ता, 2044 में राकेश कुमार (राजेश), 2045 में शशिकांत गुप्ता, 2046 में अनिल कुमार गुप्ता, 2047 में नेहरू लाल, 2048 में अमरेंद्र कुमार गुप्ता, 2049 में राकेश कुमार (राजेश), 2050 में पंकज गुप्ता, 2051 में रोहित कुमार गुप्ता और 2052 में वीरेंद्र लाल गुप्ता ने डाक चढ़ाने के लिए अपना नाम दर्ज कराया है।

वहीं मां दुर्गा की प्रतिमा निर्माण कराने के लिए भी श्रद्धालुओं ने वर्षों पहले से अपनी बारी तय कर रखी है। वर्ष 2026 में रविंद्र गुप्ता, 2027 में गोरेलाल पंडित, 2028 में अमरेंद्र कुमार गुप्ता, 2029 में राजेंद्र प्रसाद, 2030 में उमेश प्रसाद गुप्ता, 2031 में राजेश कुमार, 2032 में गोल्डिस कुमार, 2033 में अमरेंद्र कुमार गुप्ता, 2034 में अभय कुमार गुप्ता, 2035 में आदित्य कुमार गुप्ता, 2036 में शैलेश गुप्ता, 2037 में विनय कुमार गुप्ता, 2038 में सुदामा प्रसाद गुप्ता तथा 2039 में अमरेंद्र कुमार गुप्ता का नाम दर्ज है।

समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के कारण प्रतिमा निर्माण और डाक चढ़ाने के लिए वर्षों पहले से नाम दर्ज कराने की परंपरा बनी हुई है। वहीं नवरात्र के पहले दिन से प्रतिदिन श्रद्धालुओं के द्वारा भोग लगाया जाता है। यह परंपरा नई पीढ़ी को भी धार्मिक आयोजन से जोड़ने के साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक एकजुटता का संदेश देती है। 

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