संवाद सूत्र, भुरकुंडा (रामगढ़) : पीटीपीएस से प्रभावित गांवों के विस्थापितों व रैयतों ने अपने हक-अधिकार की मांग को ले पूर्व घोषणा के तहत बुधवार से अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल आंदोलन शुरू कर दिया है। मालूम हो कि पिछले दिनों पीवीयूएनएल गेट के समक्ष विस्थापित अपनी मांग को ले धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस-प्रशासन द्वारा लाठी चार्ज के बाद धरना-प्रदर्शन वहां से हटाया गया था। साथ ही कई लोगों पर केस भी दर्ज हुआ था। ग्रामीणों का आरोप है कि मोर्चा के अध्यक्ष आदित्य नारायण प्रसाद की गिरफ्तारी करने आई पुलिस ने उनके घर में महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया थ। इसके बाद रैयत विस्थापित और आक्रोशित हो उठे। अपनी मांगों व दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई को ले अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल शुरू किया गया है। भूख-हड़ताल पर बैठे लोगों का कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी, तबतक आंदोलन जारी रहेगा। क्षेत्र के बलकुदरा, रसदा आदि गांवों में दर्जनों ग्रामीण भूख-हड़ताल पर बैठे हैं। जबकि पूरा गांव इनके समर्थन में हैं। बलकुदरा में पुष्पा देवी, अमरदेव प्रसाद, विनोद कुमार, शिवनारायण साव, बालेश्वर मुंडा, डॉली देवी, देवंती देवी, बढ़न साव, रामप्रवेश मुंडा, करमा मुंडा, अनिल मुंडा, मिलन मुंडा, रामजीत मुंडा, प्रेम मुंडा आदि भूख-हड़ताल पर बैठे हैं।

Posted By: Jagran

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