संवाद सूत्र, गिद्दी (रामगढ़) : कॉमर्शियल माइनिग के विरोध में कोल इंडिया में पांच ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत तीन दिवसीय हड़ताल के तीसरे दिन शनिवार को भी गिद्दी कोयलांचल के गिद्दी, रेलीगढ़ा, गिद्दी सी, गिद्दी वाशरी परियोजना व रेलीगढ़ा आउट सोर्सिंग में उत्पादन व डिस्पैच का कार्य पूरी तरह से बंद रहा। संयुक्त मोर्चा अरगडा के नेता तीसरे दिन सुबह से तीनों सिफ्ट में गिद्दी, रेलीगढा़, गिद्दी सी व रेलीगढ़ा आउटसोर्सिंग कार्य पर देखे गए। हालाकि कॉमर्शियल माइनिग के फैसले के विरोध में कर्मी स्वेच्छा से काम पर नहीं गए। मोर्चा के मिथिलेश सिंह, बैजनाथ मिस्त्री, अरुण कुमार सिंह, जन्मेजय सिंह, सीपी संतन, धनेश्वर तुरी, अखिलेश सिंह, रामजी सिंह ने कहा कि कोयला कर्मियों ने केंद्र सरकार के नीति के विरोध में स्वेच्छा से काम पर नहीं जाकर कॉमर्शियल माइंनिग को इनकार कर दिया है। कहा कि कोयला कर्मियों ने स्वेच्छा से काम पर न जाकर तीन दिवसीय हड़ताल को कोयला उद्योग के लिए ऐतिहासिक बना दिया। वहीं तीन दिनों तक गिद्दी, रेलीगढ़ा, गिद्दी सी परियोजना व रेलीगढ़ा आउटसोर्सिंग में उत्पादन व डिस्पेच नहीं होने से कंपनी को करोड़ों का नुकसान होना बताया जा रहा है। मोर्चा के मिथिलेश सिंह, बैजनाथ मिस्त्री, अरूण कुमार सिंह, धनेश्वर तुरी, सीपी संतन, जन्मेजय सिंह, मधुसूदन सिंह, अखिलेश सिंह, प्रदीप अखौरी, सुनील सिंह, रासो सिंह, प्रदीप रजक, कृष्णा सिंह, मंगरू महतो, शंभु कुमार, सियाराम साह, जवाहर यादव, सतीश सिंह, लखबीर सिंह, नरेंद्र सिंह, देवनाथ महली, गुलाम मुस्तफा, जगदीश चंद्र बेदिया, शशि भुषण सिंह, इदरीश आलम, रविद्र मिस्त्री, दशरथ करमाली, विगन महतो, चंदन सिंह, विजय कुमार, लच्छी राम, संजय बक्सी, आनंद, संतु बेदिया, नेमन यादव, विनोद सिंह, रस्का, शशिधरण, बसंत राम समेत दर्जनों कर्मी उपस्थित थे।

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