रामगढ़ : छावनी उत्क्रमित उच्च विद्यालय नईसराय में गुरुवार को कुछ अभिभावकों ने काफी देर तक हंगामा किया। अभिभावकों का कहना था कि जेई वैक्सीन लगाने के बाद उनके बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। हालांकि इस मामले में स्कूल का कहना है कि कुछ अभिभावक अफवाहों के चक्कर में फंस गए हैं। उन्हें जागरूक होना चाहिए। नईसराय में सदर अस्पताल की चिकित्सक टीम ने बुधवार को स्कूल के लगभग 300 बच्चों को जापानिज इंसेफलाइटिज इंजेक्शन(जेई वैक्सीन) लगाया गया था। अगर तबीयत बिगड़नी होती तो सबकी बिगड़ती। दो-चार बच्चों को रात में बुखार आ गया। यह बुखार किसी अन्य कारण से भी आ सकता है।

गुरुवार को स्कूल खुलते ही स्थानीय नईसराय बस्ती से बीमार बच्चों के अभिभावकों के साथ मुहल्ले के अनेक लोग स्कूल में आकर हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान आक्रोशित लोग स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक भवेश्वर महतो के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज भी की। कुछ अभिभावकों का कहना था कि स्कूल में एक समुदाय विशेष बच्चों को इंजेक्शन लगाकर उसे नपुंसक बनाने की साजिश रची जा रही है। उनका कहना था कि अभिभावकों की अनुमति के बिना उनके बच्चों को इंजेक्शन क्यों लगया जा रहा है।

मामले की सूचना मिलते ही एसडीओ अनंत कुमार, रामगढ़ थाना प्रभारी विद्वावती ओहदार व सदर प्रखंड अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ठाकुर मृ़त्युंजय कुमार ¨सह स्कूल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। इस दौरान डॉक्टर ने जेई वैक्सीन लगाने के बाद बुखार से पीड़ित पहली कक्षा के छात्र रेहान अंसारी पिता मो. नौसाद तथा पांचवीं कक्षा के छात्र मो. साबिर पिता मदीन अंसारी के स्वास्थ्य जांच की गई।

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वैक्सीन से किसी बच्चे को कोई नुकसान नहीं : डॉ. ठाकुर

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ठाकुर मृत्युंजय कुमार ¨सह ने लोगों को समझाते हुए बताया कि इस वैक्सीन से किसी भी बच्चे को कोई नुकसान नहीं है। किसी-किसी बच्चे को वैक्सीन लगाने के बाद बुखार होना स्वाभाविक है। डॉ. मृत्युंजय ने कहा कि इस स्कूल में तीन सौ से भी अधिक बच्चों को जेई वैक्सीन दिया जा चुका है। किसी को कुछ नहीं हुआ। इस वैक्सीन से नुकसान होने का महज एक अफवाह है। इसके बाद सभी लोग शांत होकर वापस लौट गए ।

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