संवाद सूत्र, गोला(रामगढ़): रांची-जमशेदपुर मार्ग पर बुंडू तमाड़ स्थित देवड़ी मंदिर के दान पर सरकारी अधिकार पर रोक लगे। इस संबंध में संत समाज झारखंड प्रदेश के संगठन मंत्री स्वामी दिव्य ज्ञान ने गोला में प्रेस वार्ता के दौरान कहा है कि देवड़ी मंदिर के दान पर सरकारी अधिकार हो तो चार्ज को मिलने वाले डोनेशन पर भी सरकारी नियंत्रण हो। साथ ही वक्फ और जकात पर भी सरकारी अधिकार हो। स्वामित्व विज्ञान ने सरकार से हिदुओं के साथ हो रहे भेदभाव पर ध्यान देने का आग्रह करते हुए का यथाशीघ्र दान करने की मांग की है। स्वामी दिव्य ज्ञान ने गोला, रायपुरा, कोनरडीह ईसाई बहुल गांव उरांवजारा में ग्रामीणों के बीच कहा कि जैसे अपने दान को लेकर चर्च स्वतंत्र हैं। विधान से विद्यालय और अस्पताल बनवा लेते हैं। वक्फ बोर्ड स्वतंत्र है. सदस्यों के साथ चांद पर मजार स्वतंत्र है। अपने धन का उपयोग मदरसा या इस्लाम को बढ़ाने में करते हैं। हिदुओं के मंदिर खेतान पर सरकारी अधिकार क्यों लगाया जाता है। स्वामी दिव्य ज्ञान ने कहा कि हिदुओं के दान के सबसे बड़े स्त्रोत हिदू मंदिर है। इस पर राज्य सरकारों का कब्जा है. कब्जा होने के बाद उससे हुए आए का प्रयोग गरीब हिदू संस्कृति सभ्यता को बढ़ावा देने में पूर्णता से नहीं होता है। हमारा धन भी हमारे पास नहीं होने के कारण हम अपनी सभ्यता संस्कृति को संरक्षित नहीं कर पा रहे हैं। स्वामी दिव्य ज्ञान महाराज ने रायपुरा में धर्मांतरण और गौ रक्षा पर बातें करते हुए ग्रामीणों को जगाने का कार्य किया। ग्रामीणों से अपने दान में सप्ताह में कम से कम एक दिन शराबबंदी, शराब का सेवन नहीं करने साथ अपने आत्मबल को मजबूत करने की अपील की। स्वामी दिव्य ज्ञान महाराज के साथ मनोज मिश्र, विजय ओझा, डोमन नायक, भागीरथ पोद्दार, सुरेश महतो, महेश महतो, महेंद्र ठाकुर मिलन सुभाष नायक, अमन सिन्हा, सनी दांगी अघनु करमाली, शिवा प्रजापति, विवेक साहू, प्रीतम झा, बालेश्वर महतो, सोम पोद्दार मौजूद थे।

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