चैनपुर (पलामू) : चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के लिधकी गांव के बैना टोला में मंगलवार देर रात पंचायती के दौरान सुरेंद्र चौरसिया (40 वर्ष) की लाठी से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। हत्या के पीछे मृतक की स्वर्गीय चाची का पीपल की पेड़ में टंगा अस्थि घंट फोड़ना बताया जा रहा है। मृतक के भाई राधेश्याम चौरसिया व निर्मल चौरसिया ने बताया कि उनकी सगी चाची कैलसिया देवी की मृत्यु एक सप्ताह पूर्व हुई थी। मृतका के दाह संस्कार के बाद परंपरानुसार गांव के तालाब के पास स्थित पीपल के पेड़ में उनका अस्थि घंट टांगा गया था। एक दिन पहले किसी ने अस्थि घंट फोड़ दिया था। मृतिका के परिजन इसके लिए सुरेंद्र चौरसिया को दोषी मान रहे थे। इसे लेकर मंगलवार की रात करीब 8 बजे सुरेंद्र के घर के सामने पंचायती हो रही थी। पंचायत के दौरान लोग उग्र हो गए और लाठी-डंडे से सुरेंद्र चौरसिया कि पिटाई शुरू कर दी। इसी क्रम में उसने दम तोड़ दिया। सूचना पाकर बुधवार की सुबह चैनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इधर मृतक के पुत्र अनिल चौरसिया ने चैनपुर थाना में 10 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें मृतक के चाचा गुप्तेश्वर चौरसिया, भाई अवधेश प्रसाद, ¨बदोल चौरसिया, बीरबल चौरसिया, ¨बदा चौरसिया व भतीजा प्रमोद चौरसिया, सत्येंद्र चौरसिया, अखिलेश्वर चौरसिया और रविसन चौरसिया का नाम शामिल है। इधर अंतपरीक्षण के बाद शव घर पहुंचने पर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। सूचना पर चैनपुर उत्तरी के जिला परिषद सदस्य विकास कुमार चौरसिया मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढ़स बंधाया। इधर कुछ ग्रामीणों का कहना है कि मृतक सुरेंद्र की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।

Posted By: Jagran